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    भगवान सांवलिया सेठ बने बिजनेस पार्टनर! दिल्ली के कारोबारी ने मंदिर में चढ़ाए चांदी के दो शोरूम

    चित्तौड़गढ़। नया कारोबार शुरू करने से पहले अक्सर लोग भगवान की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लेते हैं, लेकिन दिल्ली के एक आभूषण व्यापारी की आस्था बेहद अनोखी है। मेवाड़ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री सांवलियाजी मंदिर में एक श्रद्धालु ने अपनी गहरी श्रद्धा प्रकट करते हुए चांदी से बने दो बहुमंजिला शोरूम के मॉडल भगवान को समर्पित किए हैं। इस कारोबारी परिवार की परंपरा है कि जब भी उनका कोई नया शोरूम खुलता है, तो उसकी पहली प्रतीकात्मक शुरुआत सांवरा सेठ के दरबार में चांदी की प्रतिकृति चढ़ाकर ही की जाती है।

    बारीक कारीगरी और 3.370 किलो चांदी से बने मॉडल

    'गिरी जेवर महल' समूह की ओर से मंदिर में अर्पित किए गए इन दो चार मंजिला मॉडलों का कुल वजन 3.370 किलोग्राम है। राजस्थान सर्राफा संघ के प्रदेश महामंत्री किशन पिछोलिया के मुताबिक, बाजार दर के हिसाब से इस चांदी की कीमत लगभग 7.07 लाख रुपये बैठती है। इन बेहद खूबसूरत और बारीक नक्काशी वाले मॉडलों पर 'गिरी जेवर महल काशी' और 'गिरी जेवर अरिहंत' लिखा हुआ है।

    वाराणसी और रायपुर में शुरू होंगे नए आउटलेट

    इस आभूषण समूह के दो नए शोरूम जल्द ही ग्राहकों के लिए खुलने जा रहे हैं। इनमें से पहला आउटलेट उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित महमूरगंज में बना है, जिसका उद्घाटन 26 अक्टूबर को निर्धारित है। वहीं, दूसरा आउटलेट छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तैयार हुआ है, जिसका शुभारंभ 1 नवंबर को होगा। अपने वास्तविक व्यापारिक प्रतिष्ठानों का फीता कटने से पहले ही व्यापारी ने इन्हें अपने 'मुख्य साझेदार' सांवरा सेठ के चरणों में अर्पित कर दिया।

    सांवरा सेठ को मानते हैं कारोबार का असली साझेदार

    मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी राहुल धाकड़ के अनुसार, यह परिवार सालों से सांवरा सेठ का परम भक्त रहा है। देशभर के व्यापारियों में यह अटूट विश्वास है कि सांवरा सेठ को अपने बिजनेस में भागीदार बनाने से कारोबार में निरंतर प्रगति होती है। इसी आस्था के तहत गिरी जेवर महल समूह जब भी अपने काम का विस्तार करता है, तो पहला मॉडल मंदिर के खजाने में जमा कराता है। इस अद्भुत भेंट और नक्काशी की चर्चा मंदिर परिसर में आए श्रद्धालुओं के बीच छाई हुई है।

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