मशहूर बॉलीवुड डायरेक्टर इम्तियाज अली इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। इस फिल्म को क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं हासिल हो रही हैं और बॉक्स ऑफिस पर भी इसकी कमाई की रफ्तार थोड़ी धीमी है। इसी बीच, अपनी अलग तरह की प्रेम कहानियों के लिए मशहूर निर्देशक ने इस बात का खुलासा किया है कि आखिर उन्हें ऐसी उलझी हुई फिल्में बनाने की प्रेरणा कहां से मिलती है।
आसान और साफ-सुथरी प्रेम कहानियां बनाना लगता है नामुमकिन
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इम्तियाज ने अपने सिनेमा पर खुलकर बात की। जब उनसे पूछा गया कि उनकी फिल्मों में प्यार हमेशा इतना दर्द भरा और पेचीदा क्यों होता है, तो उन्होंने जवाब दिया कि उनके लिए कुछ भी एकदम परफेक्ट और साफ-सुथरा दिखाना संभव नहीं है। उनका मानना है कि असल जिंदगी में इसका कोई सटीक उदाहरण मौजूद नहीं है। इम्तियाज ने कहा कि अगर कोई उनसे बिना दुख-दर्द वाली साधारण प्रेम कहानी बनाने को कहे, तो उन्हें समझ ही नहीं आएगा कि शुरुआत कैसे करें, क्योंकि उन्होंने असल जीवन में ऐसा कुछ देखा ही नहीं है।
सिनेमा से नहीं, असल जिंदगी से मिलती है प्रेरणा
अपनी प्रेरणा को लेकर इम्तियाज ने बताया, "मैं जानबूझकर सिर्फ प्रेम कहानियां बनाने के मकसद से काम शुरू नहीं करता। मेरी कोशिश ऐसी कहानियां गढ़ने की होती है, जिनमें इंसानी जज्बात गहराई से जुड़े हों।" वह अपने किरदारों के सफर को फॉलो करते हैं और देखते हैं कि कहानी उन्हें किस दिशा में ले जाती है। निर्देशक ने साफ किया कि वह अपनी कहानियों के लिए सिनेमा से नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन के अनुभवों से प्रेरणा लेते हैं। उनका मानना है कि असल जिंदगी के रिश्ते काफी उलझे हुए होते हैं।
क्या है 'मैं वापस आऊंगा' की कहानी?
इम्तियाज अली की यह नई फिल्म उनके बचपन के दिनों में घर लौटने के भावुक पलों से प्रेरित है। कहानी में दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक ऐसे बुजुर्ग का किरदार निभा रहे हैं, जो जीवन के अंतिम पड़ाव पर अपने पुराने घर वापस जाकर अपनी प्रेमिका से मिलने की चाहत रखता है। 12 तारीख को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह के अलावा दिलजीत दोसांझ, वेदांग रैना और शरवरी वाघ जैसे बेहतरीन कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। कमाई की बात करें तो शुरुआती तीन दिनों में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब 5.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।


