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    खेती का नया साथी महिंद्रा ओजा, बागवानी और फसल प्रबंधन में उपयोगी

    मुंबई। महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रमुख ट्रैक्टर ब्रांड महिंद्रा ट्रैक्टर्स ने हाल ही में अपने 'महिंद्रा ओजा' रेंज के सफल तीन वर्ष पूर्ण होने का जश्न मनाया। इस विशेष रेंज के कॉम्पैक्ट ट्रैक्टरों को आधुनिक और उन्नत कृषि तकनीकों के अनुसार विकसित किया गया है। यह मुख्य रूप से हॉर्टिकल्चर (बागवानी), फलों के बगीचों, गन्ने की खेती, इंटरकल्चरल फार्मिंग और कतारबद्ध फसलों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। कंपनी का कहना है कि ओजा ट्रैक्टर कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों के आराम और सुविधा का भी पूरा ध्यान रखता है। इसके नाम की पृष्ठभूमि और किसानों के लिए इसकी उपयोगिता को लेकर महिंद्रा ट्रैक्टर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) हर्ष राय के साथ हुई विशेष बातचीत के मुख्य अंश:

    ओजा ट्रैक्टर और इसकी आधुनिक तकनीक किसानों के लिए किस प्रकार उपयोगी है?

    ओजा रेंज का सबसे प्रमुख आकर्षण इसका कॉम्पैक्ट और हल्का डिजाइन है। बागवानी और विशेष खेती में यह ध्यान देना आवश्यक होता है कि भूमि और फसल के आधार पर किस आकार के ट्रैक्टर की आवश्यकता है। इन मूलभूत आवश्यकताओं का सूक्ष्म अध्ययन करके ही ओजा रेंज को तैयार किया गया है। इन ट्रैक्टरों में अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ पावर-टू-वेट रेशियो, आधुनिक तकनीक और विभिन्न कृषि उपकरणों के साथ सहजता से कार्य करने की क्षमता प्रदान की गई है। इसका छोटा आकार और सुगम संचालन इसे उन खेतों में भी बेहद प्रभावी बनाता है जहाँ बड़े ट्रैक्टरों को चलाना चुनौतीपूर्ण होता है।

    यूरोप, दक्षिण अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे वैश्विक बाजारों में लॉन्च करने का उद्देश्य

    उत्पाद के विकास चरण से ही यह रणनीति स्पष्ट थी कि ओजा रेंज को वैश्विक बाजार में उतारना है। भारत की तुलना में विदेशों में बागवानी क्षेत्र काफी उन्नत हो चुका है, जबकि भारत में यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए विकास का अध्ययन कर और भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमने देश में ही एक ऐसा ग्लोबल प्लेटफॉर्म निर्मित किया, जिसका उपयोग विकसित व विकासशील देशों के साथ-साथ भारतीय कृषि में भी किया जा सके। चूंकि इसे वैश्विक स्तर के लिए तैयार किया गया था, इसलिए इसका पहला वैश्विक शुभारंभ दक्षिण अफ्रीका में किया गया था।

    'ओजा' नाम की पृष्ठभूमि और इसकी सोच

    'ओजा' शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 'ओजस' शब्द से हुई है, जो ऊर्जा, शक्ति और तेज का प्रतीक है। जिस प्रकार संस्कृत हमारी सांस्कृतिक जड़ों में रची-बसी है, उसी प्रकार ओजा रेंज के कॉम्पैक्ट ट्रैक्टरों से भी यही अपेक्षाएं हैं। इन्हें इस प्रकार से डिज़ाइन किया गया है कि ये भारतीय बागवानी क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। संक्षेप में कहें तो ओजा अंतरराष्ट्रीय तकनीक और भारतीय उपयोगिता का एक बेहतरीन संगम है।

    भारतीय बाजार में पेश करने के दौरान आई चुनौतियाँ

    जब भी कोई नई तकनीक या उत्पाद बाजार में लाया जाता है, तो उस पर ग्राहकों का विश्वास अर्जित करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि महिंद्रा ब्रांड पर किसानों का भरोसा बीते 62 वर्षों से कायम है। देश के किसान जानते हैं कि इस ब्रांड पर पूर्ण विश्वास किया जा सकता है। इसलिए जब कंपनी कोई नया और उन्नत उत्पाद लेकर आती है, तो ग्राहक उस पर सहर्ष भरोसा जताते हैं।

    वैश्विक चुनौतियों के बीच ट्रैक्टर बाजार का रुझान और कंपनी की स्थिति

    नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में वैश्विक परिस्थितियों, पश्चिम एशिया के तनाव और इनपुट कॉस्ट (लागत) में बढ़ोतरी को लेकर बाजार में अनिश्चितता का माहौल था। हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत आंतरिक क्षमता और अनुकूल सरकारी नीतियों के कारण बाजार में शीघ्र ही स्थिरता आ गई। महिंद्रा ट्रैक्टर्स के दृष्टिकोण से पहली तिमाही के परिणाम अत्यंत उत्साहजनक रहे। इस दौरान ट्रैक्टर उद्योग में 18-19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और महिंद्रा ने अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा। बाजार में मांग का पक्ष मजबूत बना हुआ है, हालांकि आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार नजर बनाए रखना आवश्यक है।

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