बठिंडा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. तरसेम गर्ग के क्लीनिक पर पेट्रोल बम से हमला करने वाले मामले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने बुधवार देर शाम मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात को अंजाम देने वाले दोनों मुख्य आरोपियों को अबोहर से दबोच लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की घेराबंदी देख बदमाशों ने भागने का प्रयास किया, जिसमें वे चोटिल हो गए और उनकी टांगों पर चोटें आई हैं। देर रात ही दोनों को कड़े पहरे के बीच बठिंडा के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। पुलिस आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे घटनाक्रम का पर्दाफाश कर सकती है।
जांच के लिए पहुंची एनआईए की टीम, पीड़ित डॉक्टर से दो घंटे तक की पूछताछ
मामले के राजनीतिक और सामरिक संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी इस केस में एंट्री ले ली है। बुधवार को एनआईए की एक विशेष टीम बठिंडा पहुंची और करीब दो घंटे तक वारदात स्थल का मुआयना करने के साथ-साथ डॉ. तरसेम गर्ग से बंद कमरे में पूछताछ की। केंद्रीय एजेंसी ने डॉ. गर्ग से उनकी किसी पुरानी रंजिश, अतीत में मिली धमकियों या किसी संदिग्ध गतिविधि के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई। इसके अलावा टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और अन्य फॉरेंसिक व तकनीकी साक्ष्यों को अपने कब्जे में लिया है।
क्या था पूरा मामला: धमाके के बाद आया था धमकी भरा विदेशी या संदिग्ध फोन
गौरतलब है कि सोमवार रात करीब 9:40 बजे मेला राम रोड स्थित डॉ. गर्ग के क्लीनिक के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात नकाबपोश युवक पहुंचे थे। उन्होंने क्लीनिक को निशाना बनाते हुए पेट्रोल बम फेंका और पलक झपकते ही फरार हो गए। इस धमाके में कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन परिसर में खड़ी एक स्कूटी और अन्य सामान क्षतिग्रस्त हो गया था। इस खौफनाक वारदात के महज दो घंटे बाद डॉ. गर्ग की पत्नी के मोबाइल पर एक धमकी भरी कॉल आई, जिसमें फोन करने वाले ने अपना नाम 'शहजाद भट्टी' बताते हुए इस हमले की जिम्मेदारी ली और अंजाम भुगतने की धमकी दी।
फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की मदद से खुला केस, बड़ी साजिश की आशंका
बठिंडा पुलिस ने इस अंधे कत्ल की कोशिश के मामले को सुलझाने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स, डॉग स्क्वायड और साइबर सेल की संयुक्त टीमें बनाई थीं। मौके से एक जिंदा पेट्रोल बम (संदिग्ध बोतल) भी बरामद हुआ था। सीसीटीवी और मोबाइल टावर लोकेशन के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपियों का रूट ट्रैक किया और आखिरकार उन्हें अबोहर में दबोच लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे इस हमले के पीछे के मास्टरमाइंड, धमकी भरे फोन के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और इसके पीछे छुपी बड़ी साजिश का जल्द ही भंडाफोड़ होने की उम्मीद है।


