भोपाल| मध्य प्रदेश से आगामी स्थानीय चुनावों को लेकर एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दरअसल, राज्य में वर्ष 2027 में होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर शासन और प्रशासन स्तर पर तैयारियां अभी से बेहद जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। इसी कड़ी में राज्य निर्वाचन आयोग चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव पारंपरिक मतपत्रों यानी बैलेट पेपर के बजाय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए कराए जा सकते हैं। इसका मतलब यह हुआ कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में जनता द्वारा चुने जाने वाले पंच और सरपंच पद के चुनाव भी ईवीएम के माध्यम से संपन्न होंगे।
राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग का ऐसा मानना है कि इस नई तकनीकी व्यवस्था के लागू होने से संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया में अभूतपूर्व पारदर्शिता आएगी और वोटों की गिनती के दौरान या चुनाव के बाद होने वाले किसी भी तरह के विवाद से आसानी से बचा जा सकेगा।
प्रदेश में 443 नगरीय निकाय और करीब 23 हजार पंचायतें हैं शामिल
आपको बता दें कि वर्ष 2027 के दौरान मध्य प्रदेश में कुल 443 नगरीय निकायों और लगभग 23 हजार ग्राम पंचायतों के लिए चुनाव प्रस्तावित किए गए हैं। इन सभी चुनावों को इस बार राज्य निर्वाचन आयोग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के जरिए संपन्न कराने की पुख्ता तैयारी कर रहा है। यदि प्रदेश में यह आधुनिक व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू हो जाती है, तो पारंपरिक बैलेट पेपर का दौर पीछे छूट जाएगा और मतदाता ईवीएम का बटन दबाकर अपने पंच और सरपंच को चुन सकेंगे।
लगभग 94 हजार मतदान केंद्र बनाए जाने की व्यापक योजना
वर्ष 2027 में होने वाले इन पंचायत चुनावों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रदेशभर में भारी संख्या में मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा व्यापक स्तर पर मैपिंग और तैयारियां की जा रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में करीब 72 हजार और नगरीय क्षेत्रों में लगभग 22 हजार मतदान केंद्र बनाए जाने की योजना है। इस प्रकार आगामी 2027 के चुनावों के लिए पूरे मध्य प्रदेश में कुल मिलाकर लगभग 94 हजार मतदान केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
वेबकास्टिंग के जरिए होगी हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग
अक्सर यह देखा गया है कि मध्य प्रदेश में पंचायत चुनावों के दौरान किसी न किसी बात को लेकर ग्रामीण अंचलों में तनाव या विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे सभी संभावित विवादों से बचने और चुनाव प्रक्रिया में शत-प्रतिशत पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग इस बार एक और अत्याधुनिक कदम उठाते हुए 'वेबकास्टिंग' की व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसकी मदद से सभी संवेदनशील मतदान केंद्रों पर होने वाली मतदान प्रक्रिया की सीधी लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी। इस सर्विलांस व्यवस्था के कारण किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता का समय रहते तुरंत पता लगाया जा सकेगा और आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ही सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
बैलेट पेपर से ईवीएम की ओर एक बड़ा कदम
ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में अब तक हुए अधिकांश पंचायत चुनाव हमेशा से बैलेट पेपर (मतपत्र) के माध्यम से ही कराए जाते रहे हैं। लेकिन साल 2027 के पंचायत चुनावों की पूरी प्रक्रिया में यह अब तक का सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव साबित हो सकता है। जिस तरह देश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव पूरी तरह से ईवीएम के माध्यम से होते हैं, ठीक उसी तर्ज पर अब त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से कराने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस नई व्यवस्था से न केवल चुनावी शुचिता और पारदर्शिता में भारी इजाफा होगा, बल्कि मतों की गिनती (काउंटिंग) में भी काफी कम समय लगेगा, जिससे चुनाव परिणामों की घोषणा बेहद कम समय में सफलतापूर्वक की जा सकेगी।


