More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशसरकारी चावल की बड़ी हेराफेरी, बालाघाट में 12.60 करोड़ के घोटाले पर...

    सरकारी चावल की बड़ी हेराफेरी, बालाघाट में 12.60 करोड़ के घोटाले पर पुलिस का बड़ा एक्शन

    बालाघाटमध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में सरकारी एफसीआई (FCI) गोदामों से एथेनॉल प्लांट के लिए भेजे जाने वाले चावल में हुई करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस बहुचर्चित और बड़े घोटाले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी कार्रवाई को काफी तेज कर दिया है। इस गंभीर मामले में अब तक कुल 17 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जिनमें से 8 मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। वहीं, 5 आरोपी अभी भी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है, जबकि 4 अन्य संदिग्धों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा, इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

    बालाघाट से भेजे गए सरकारी चावल की बड़े पैमाने पर हेराफेरी

    एसआईटी की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि बालाघाट के नवेगांव स्थित एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एथेनॉल प्लांट के लिए कुल 54,590 क्विंटल चावल भेजा जाना था, लेकिन इस भारी-भरकम खेप को रास्ते में ही सुनियोजित तरीके से गायब कर दिया गया। एथेनॉल प्लांट तक चावल पहुंचाने के बजाय उसे अवैध रूप से अलग-अलग निजी राइस मिलों में खपा दिया गया। इस तरह हेराफेरी किए गए इस सरकारी चावल की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 12.60 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    प्रदेश के कई जिलों तक फैला है घोटाले का जाल

    जांच टीम के अनुसार, यह चावल घोटाला केवल बालाघाट जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार राज्य के कई अन्य जिलों से भी जुड़े हुए हैं। प्रदेश के लगभग एक दर्जन जिलों से कुल 17 हजार मीट्रिक टन सरकारी चावल छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट के लिए रवाना किया गया था। बालाघाट के नवेगांव गोदाम मामले का भंडाफोड़ होने के बाद अब एसआईटी शेष बचे 11 हजार मीट्रिक टन चावल की भी बेहद बारीकी से जांच कर रही है। यह चावल सिवनी, छिंदवाड़ा, शहडोल और कटनी समेत अन्य जिलों के एफसीआई गोदामों से भी भेजा गया था, जिससे इस मामले का दायरा लगातार विस्तृत होता जा रहा है।

    111 ट्रक जांच के घेरे में, ट्रांसपोर्टर्स पर भी होगी कार्रवाई

    इस पूरे अवैध नेटवर्क में एफसीआई के भ्रष्ट अधिकारियों, राइस मिलर्स और बिचौलियों के अलावा अब इस तस्करी को अंजाम देने वाले ट्रांसपोर्टर्स पर भी शिकंजा कसने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इस अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए गए कुल 111 ट्रकों को पुलिस ने अपनी जांच के दायरे में लिया है। जांच एजेंसी का अनुमान है कि अन्य जिलों से जुड़े आंकड़ों की पूरी पड़ताल होने के बाद इस पूरे घोटाले की कुल राशि और गबन किए गए सरकारी अनाज का आंकड़ा कई गुना बढ़ सकता है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here