More
    Homeराज्ययूपीबैडमिंटन खिलाड़ियों को बड़ा झटका, फीस में रिकॉर्ड बढ़ोतरी से खेल पर...

    बैडमिंटन खिलाड़ियों को बड़ा झटका, फीस में रिकॉर्ड बढ़ोतरी से खेल पर पड़ सकता है असर

    वाराणसी। सिगरा स्टेडियम के नवनिर्मित इनडोर हॉल में तीन महीनों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बैडमिंटन का मासिक शुल्क निर्धारित कर दिया गया है। स्मार्ट सिटी प्रशासन ने खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों को बड़ा झटका देते हुए मासिक फीस को एक हजार रुपये से सीधे बढ़ाकर चार हजार रुपये कर दिया है। शुल्क में की गई यह वृद्धि पूरे 400 फीसदी की है। हालांकि, राहत की बात बस इतनी है कि राष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों को अपना प्रामाणिक सर्टिफिकेट दिखाने पर इस निर्धारित शुल्क में 20 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी।

    स्मार्ट सिटी के तकनीकी अभियंता सौमित्र ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सिगरा के इनडोर हॉल में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए प्रति माह चार हजार रुपये शुल्क तय किया गया है, जबकि नेशनल लेवल के खिलाड़ियों को इसमें नियमों के तहत छूट का लाभ मिलेगा। दूसरी तरफ, सिगरा स्टेडियम में नियमित अभ्यास करने वाले खिलाड़ी निखिल का कहना है कि सरकार एक ओर तो खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए नई-नई योजनाएं और वादे कर रही है, वहीं दूसरी ओर खेल प्रशिक्षण को इतना खर्चीला और आम पहुंच से दूर बनाया जा रहा है।

    पहले इस परिसर में खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए आसानी से प्रवेश मिल जाता था, लेकिन पुनर्निर्माण के बाद स्थितियां बदल चुकी हैं। पिछले तीन महीनों से स्थानीय खिलाड़ी खेल विभाग, स्मार्ट सिटी और नगर निगम के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, फिर भी उन्हें कोर्ट पर उतरने और खेलने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। बैडमिंटन खिलाड़ी अर्चना ने बताया कि फीस में की गई यह बढ़ोतरी सामान्य से बहुत ज्यादा है। खेल जगत में अक्सर मध्यम और गरीब परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा के दम पर आते हैं, जिनके पास कभी-कभी अच्छे जूते खरीदने तक के पैसे नहीं होते। ऐसे में कोई भी साधारण परिवार का खिलाड़ी खेलने के लिए इतनी बड़ी रकम हर महीने नहीं दे पाएगा।

    प्रशासनिक खींचतान और हस्तांतरण में देरी से खिलाड़ी परेशान

    सिगरा स्टेडियम के पुनर्विकास के बाद से ही यहां सुविधाओं के संचालन को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। खेल विभाग के अधिकारों को सीमित करके व्यवस्थाएं एक निजी कंपनी को सौंपी जा रही हैं। वर्तमान व्यवस्था के तहत फेज-1 का नियंत्रण खेल विभाग के पास है, जबकि फेज-2 और फेज-3 का संचालन भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) सेंटर के अधीन है। फेज-1 के अंतर्गत इनडोर हॉल, मल्टीपरपज हॉल, स्विमिंग पूल, क्रिकेट व फुटबॉल ग्राउंड के साथ-साथ आउटडोर में बास्केटबॉल और टेनिस का एक-एक कोर्ट शामिल है। बैडमिंटन के साथ-साथ अब तैराकी (स्विमिंग) के शुल्क को लेकर भी स्मार्ट सिटी और खेल विभाग के बीच तनातनी चल रही है।

    इस पूरे परिसर का निर्माण कार्य स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एमएचपीएल कंपनी द्वारा कराया गया है। ताज्जुब की बात यह है कि इसका उद्घाटन हुए एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक इसे आधिकारिक तौर पर खेल विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी तरफ से पूर्व में केवल एक हजार रुपये शुल्क प्रस्तावित था, और उन्हें इस प्रकार अचानक शुल्क बढ़ाए जाने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here