रायपुर " मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि युवाओं को अधिक से अधिक कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में नए-नए उद्योग स्थापित होने जा रहे हैं, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर उपलब्ध होंगे।
मुख्यमंत्री ने महानदी भवन मंत्रालय में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रोजगार मेलों के आयोजन के निर्देश भी दिए। बैठक में विभागीय मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्य सचिव विकासशील सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आईटीआई के आधुनिकीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए तकनीकी संस्थानों का आधुनिकीकरण जरूरी है। आईटीआई के उन्नयन से युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने सीएसएसडीए एवं राज्य परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी के एकीकरण के प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जिलों में सहायक निदेशक एवं सहायक परियोजना अधिकारियों की युक्तियुक्त पदस्थापना, प्रशिक्षण केंद्रों में आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशिक्षित युवाओं से फीडबैक के लिए विकसित मॉड्यूल को और सशक्त करने के निर्देश दिए गए।
अब तक लाखों युवाओं को मिला प्रशिक्षण
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वर्ष 2013 से अब तक 4 लाख 90 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें से 2 लाख 71 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में राज्य में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाएं और 207 पंजीकृत कोर्स संचालित हैं।
केंद्र योजनाओं से मिलेगा बड़ा निवेश
प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत हब-एंड-स्पोक मॉडल पर 6 क्लस्टर का चयन किया गया है, जिससे आईटीआई के आधुनिकीकरण हेतु लगभग 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इसके अलावा पीएम जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों के युवाओं और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी कौशल प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है।


