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    मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा हमला, ‘सरकार साजिशन सरकारी पदों को खाली रख रही’

    नई दिल्ली. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की सत्तारूढ़ सरकार पर एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्गों के आरक्षण को अप्रत्यक्ष रूप से समाप्त करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रिक्त पड़े सरकारी पदों को न भरकर और स्थायी नौकरियों के स्थान पर अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) आधारित भर्तियों को प्राथमिकता देकर संवैधानिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार, यह नीति डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा स्थापित सामाजिक न्याय की अवधारणा पर सीधा प्रहार है।

    केंद्र सरकार में लाखों पद खाली रहने का दावा

    कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने सोशल मीडिया पर आंकड़े साझा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में रिक्तियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में जहां लगभग 4.21 लाख पद रिक्त थे, वहीं 2024 तक यह आंकड़ा बढ़कर करीब 8.24 लाख पहुंच गया। विभागवार जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि रेलवे में लगभग 2.40 लाख, रक्षा क्षेत्र में 2.41 लाख और गृह मंत्रालय के अंतर्गत 1.10 लाख पद खाली पड़े हैं। इन रिक्तियों का सीधा प्रभाव उन वर्गों के अवसरों पर पड़ रहा है जो आरक्षण के दायरे में आते हैं।

    सार्वजनिक उपक्रमों में 5 लाख से अधिक स्थायी रोजगार समाप्त

    विपक्ष का आरोप है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) में स्थायी पदों को समाप्त किया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, पीएसयू में करीब 5.1 लाख स्थायी नौकरियां कम हुई हैं, जबकि संविदा कर्मचारियों का अनुपात 19 प्रतिशत से बढ़कर 49 प्रतिशत हो गया है। चूंकि आरक्षण के नियम मुख्य रूप से स्थायी पदों पर लागू होते हैं, इसलिए अनुबंध आधारित नियुक्तियां बढ़ने से आरक्षित वर्गों का दायरा सीमित हो रहा है।

    रोजगार के साथ सामाजिक न्याय का भी मुद्दा

    मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट किया कि यह केवल नौकरियों की उपलब्धता का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक बराबरी का सवाल है। उन्होंने कहा कि स्थायी पदों को खत्म करने या पीएसयू के निजीकरण से आरक्षण का ढांचा स्वतः कमजोर हो जाता है। इसके लिए संविधान में सीधे बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ती, बल्कि पदों को ही कम कर देना पर्याप्त होता है। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना और वंचित वर्गों के अधिकारों के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीति बताया।

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