दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। इस दुखद मौके पर अभिनेता मनीष वाधवा ने एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर से जुड़ी अपनी यादें और अनुभव साझा किए हैं। आपको बता दें कि मनीष वाधवा और नाना पाटेकर ने साल 2024 में आई फिल्म 'वनवास' में एक साथ स्क्रीन साझा की थी।
दूसरों को खाना खिलाने के शौकीन थे नाना
मनीष वाधवा ने शिमला की एक शूटिंग का किस्सा याद करते हुए बताया कि एक सीन के पैकअप के बाद वे दोनों पास के ही एक रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर को खुद बहुत ज्यादा खाने का शौक नहीं था और वह अपनी सेहत का बहुत ध्यान रखते थे, लेकिन उन्हें दूसरों को अपने हाथों से खाना खिलाने का बेहद शौक था।
सख्त मिजाज के पीछे छुपा था एक नरम दिल
नाना पाटेकर के स्वभाव के बारे में बात करते हुए मनीष वाधवा ने कहा कि बाहर से वह जितने सख्त और कड़क दिखाई देते थे, अंदर से उतने ही ज्यादा नरम और संवेदनशील इंसान थे। वह सह-कलाकारों को केवल डांटने या उनमें कमियां निकालने में विश्वास नहीं रखते थे, बल्कि उनका हमेशा यह प्रयास रहता था कि जूनियर कलाकारों को उनसे कुछ नया सीखने को मिले।
कलाकारों को सिखाने और समझाने का था अंदाज
मनीष ने आगे बताया कि नाना पाटेकर के साथ काम करना उनके लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट पूरा करने जैसा नहीं था, बल्कि वह उनके लिए एक पाठशाला की तरह था। कलाकारों से बातचीत करने और उन्हें अभिनय की बारीकियां समझाने का उनका अंदाज बेहद अलग और प्रेरणादायक था, जिसे वह जीवनभर याद रखेंगे।


