सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए दिन बेहद निराशाजनक रहा। शुरुआती कारोबार में स्थिरता दिखने के बाद बाजार में अचानक बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। इस चौतरफा गिरावट के कारण सेंसेक्स करीब 900 अंक टूट गया, वहीं निफ्टी ने भी 23,900 का अपना अहम स्तर खो दिया। बाजार को सबसे ज्यादा नुकसान आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) और सरकारी बैंकों के शेयरों में आई भारी गिरावट से हुआ।
बाजार बंद होने तक सूचकांकों का हाल
मंगलवार को बाजार बंद होने तक सेंसेक्स 893.39 अंक (1.15%) की भारी गिरावट के साथ 76,200.68 के स्तर पर आ गया। दूसरी ओर, निफ्टी भी 278.81 अंक (1.16%) फिसलकर 23,824.10 पर बंद हुआ। इस तेज गिरावट की वजह से महज एक ही दिन में निवेशकों के करीब 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए। बाजार के जानकारों ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए ट्रेडर्स को फूंक-फूंक कर कदम रखने की सलाह दी है।
आखिर क्यों डूबा बाजार? गिरावट की मुख्य वजहें
बाजार में आए इस बड़े उछाल-पुथल के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण रहे:
आईटी सेक्टर पर मार: सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स 2% से अधिक टूट गया।
वैश्विक बाजारों का दबाव: अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रहे कमजोर और नकारात्मक संकेतों ने घरेलू निवेशकों का सेंटिमेंट बिगाड़ा।
मुनाफावसूली की होड़: ऊंचे स्तरों पर घरेलू निवेशकों ने जमकर प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफावसूली) की, जिससे बाजार संभल नहीं पाया।
बैंकिंग और मेटल में कमजोरी: सरकारी बैंकों और धातु (Metal) क्षेत्र के शेयरों में भी तेज बिकवाली दर्ज की गई, जिसने गिरावट की आग में घी का काम किया।
विपरीत परिस्थितियों में भी चमके ये सेक्टर्स
बाजार में मचे इस हाहाकार के बीच भी कुछ क्षेत्रों में हरियाली देखने को मिली। निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए डिफेंसिव सेक्टर्स का रुख किया:
फार्मा और हेल्थकेयर: फार्मा और स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
स्मॉलकैप और मिडकैप: बड़े शेयरों में गिरावट के बावजूद मझोली और छोटी कंपनियों के सूचकांकों ने बाजार के विपरीत जाकर मजबूती दिखाई।


