गणपति बप्पा को घर लाने के बाद हर भक्त की कोशिश रहती है कि उनकी पूजा और सेवा में कोई कमी न रह जाए. बप्पा के विराजमान होने के बाद घर का माहौल भक्तिमय हो जाता है. सुबह पूजा से लेकर शाम की आरती तक परिवार के लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार गणेश जी की सेवा करते हैं. ऐसे में अगर आपको भी समझ नहीं आ रहा कि दिन में किस समय बप्पा की पूजा करें और उन्हें क्या भोग लगाएं, तो एक आसान सा टाइमटेबल अपना सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति जी को प्रेम और श्रद्धा से अर्पित किया गया भोग विशेष माना जाता है. लोकल 18 से ऋषिकेश के ज्योतिषी अखिलेश पांडेय बताते हैं कि दिन की शुरुआत गणपति बप्पा की पूजा से करें. सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद पूजा की जगह को साफ करें. इसके बाद गणेश जी के सामने दीपक जलाकर उन्हें फूल और दूर्वा अर्पित करें. मोदक, लड्डू, केला या कोई दूसरी मिठाई भोग में रख सकते हैं. अगर घर में रोज मिठाई बनाना संभव नहीं है तो फल या गुड़ भी श्रद्धा से अर्पित किया जा सकता है. भोग लगाने के बाद आरती करें. सुख-शांति की प्रार्थना करें.
दोपहर में लगाएं ऐसा भोग
ज्योतिषी अखिलेश पांडेय बताते हैं कि दोपहर के समय गणपति को भोजन का भोग लगाया जा सकता है. इस समय घर में बना सात्विक खाना बप्पा को अर्पित करने की परंपरा कई परिवारों में है. आप खिचड़ी, पूड़ी-सब्जी, चावल-दाल या अपनी परंपरा के अनुसार कोई भी सात्विक भोजन भोग में रख सकते हैं. भोजन में बहुत ज्यादा मसाले या ऐसी चीजें शामिल करने से बचें, जिन्हें आप अपनी पूजा परंपरा में उचित नहीं मानते. भोग लगाने से पहले भोजन का थोड़ा हिस्सा साफ बर्तन में निकालकर भगवान को अर्पित करें. कुछ देर बाद प्रसाद के रूप में परिवार के लोग इसे ग्रहण कर सकते हैं.
शाम को करें ये काम
ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के मुताबिक, शाम का समय भी गणपति पूजा के लिए खास माना जाता है. सूर्यास्त के आसपास पूजा की जगह पर दीपक जलाएं और गणेश जी को फूल अर्पित करें. इसके बाद परिवार के सभी लोग मिलकर गणपति बप्पा की आरती कर सकते हैं. शाम के भोग में मोदक, लड्डू, फल, मिठाई या घर में बना कोई सात्विक पकवान रखा जा सकता है. अगर दिनभर काम की वजह से सुबह या दोपहर में ज्यादा समय नहीं मिल पाया है तो शाम की पूजा में परिवार के साथ कुछ समय जरूर बिताएं. यही समय बप्पा के सामने बैठकर गणेश मंत्र या आरती करने का भी हो सकता है.
रात में लगाएं हल्का भोग
ज्योतिषी अखिलेश पांडेय बताते हैं कि रात में गणपति जी को बहुत भारी भोग लगाने की जरूरत नहीं है. अपनी श्रद्धा के अनुसार फल, दूध, मिठाई या कोई हल्का सात्विक भोजन अर्पित किया जा सकता है. भोग लगाने के बाद गणेश जी की आरती या छोटा सा मंत्र जाप करें. इसके बाद परिवार की सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें. अगर आपके घर में गणपति स्थापना के दौरान कोई खास पारिवारिक परंपरा है तो उसे भी इसी समय निभाया जा सकता है.
इन बातों का रखें ध्यान
ज्योतिषी अखिलेश पांडेय कहते हैं कि गणपति को भोग लगाते समय सबसे जरूरी बात साफ-सफाई और श्रद्धा है. भोग हमेशा साफ बर्तन में लगाएं और कोशिश करें कि खाना ताजा हो. पूजा की जगह और आसपास की सफाई का भी ध्यान रखें. भोग में अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के हिसाब से चीजें शामिल करें. ऐसा कोई नियम नहीं है कि रोज बहुत सारी मिठाइयां या कई तरह के पकवान ही चढ़ाने जरूरी है. एक फल या घर में बनी साधारण मिठाई भी प्रेम से अर्पित की जाए तो भगवान उससे भी खुश हो जाएंगे.


