संयुक्त किसान मोर्चा ने कर्जमाफी, 200 दिन मनरेगा रोजगार और 42 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की उठाई आवाज
अलवर। किसानों और श्रमिकों की विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा ने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने किसानों और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को लेकर 8 सूत्रीय मांगों का चार्टर प्रस्तुत करते हुए केंद्र सरकार से इन मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
किसान यूनियन के मुख़्तार सिंह ने बताया कि किसानों और श्रमिकों की समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान प्रमुख मुद्दों की ओर आकर्षित किया गया।
MSP पर कानूनी गारंटी की मांग
मोर्चा की प्रमुख मांगों में सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और किसानों की उपज की सुनिश्चित सरकारी खरीद शामिल है। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
ज्ञापन में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध भी किया गया। साथ ही मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने की मांग उठाई गई।
कर्जमाफी और किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों को मुआवजा
संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों और दिहाड़ी मजदूरों की व्यापक कर्जमाफी की मांग की। इसके अलावा किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा एवं पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई।
मोर्चा का कहना है कि आर्थिक संकट से प्रभावित किसान और श्रमिक परिवारों को राहत देने के लिए सरकार को प्रभावी नीति बनानी चाहिए।
श्रम संहिताएं रद्द करने की मांग
किसान संगठनों ने चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की मांग की गई।
ग्रामीण रोजगार के मुद्दे पर मोर्चा ने मनरेगा में 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग रखी।
बिजली और बीज विधेयक वापस लेने की मांग
ज्ञापन में विद्युत निजीकरण विधेयक, बीज विधेयक और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी NFSA में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग भी शामिल रही।
किसान नेताओं ने कहा कि कृषि, ग्रामीण रोजगार और खाद्य सुरक्षा से जुड़े फैसलों में किसानों और श्रमिकों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से किसानों और श्रमिकों की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
मिशनसच न्यूज के लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए हमारे व्हाट्सप्प ग्रुप को जॉइन करें।
https://chat.whatsapp.com/JX13MOGfl1tJUvBmQFDvB1
अन्य खबरों के लिए देखें मिशनसच नेटवर्क


