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    MSP की गारंटी के लिए किसान महापंचायत का ज्ञापन, किसानों के हित में उठाई मांग

    आयोग के समक्ष MSP की सुनिश्चितता पर किसान महापंचायत ने रखे सुझाव

    नई दिल्ली। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट ने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) को ज्ञापन सौंपकर किसानों को घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी सुनिश्चितता प्रदान करने की मांग की है। रबी विपणन मौसम 2027-28 की फसलों के मूल्य निर्धारण को लेकर आयोजित बैठक के संदर्भ में प्रस्तुत ज्ञापन में किसानों के हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं।

    ज्ञापन में कहा गया है कि MSP की घोषणा तभी सार्थक होगी जब इसके साथ खरीद की कानूनी गारंटी भी सुनिश्चित की जाए। किसान महापंचायत ने आयोग से आग्रह किया कि वह पूर्व में की गई अपनी अनुशंसाओं को पुनः दोहराते हुए केंद्र सरकार को खरीद गारंटी कानून बनाने की सिफारिश करे।

    रामपाल जाट ने बताया कि 12 जुलाई 2022 को गठित समिति के उपसमूह ने भी MSP को आरक्षित मूल्य घोषित करते हुए खरीद और नीलामी की शुरुआत न्यूनतम समर्थन मूल्य से करने तथा कृषि लागत एवं मूल्य आयोग को सांविधिक दर्जा देने की अनुशंसा की थी। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए इन सिफारिशों को लागू करना आवश्यक है।

    ज्ञापन में दलहन और तिलहन फसलों में देश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से MSP एवं प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत खरीद संबंधी सभी प्रतिबंध समाप्त करने की मांग भी की गई है। साथ ही चना और मूंग की खरीद में किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए कमी मूल्य भुगतान योजना के तहत अंतर राशि किसानों के खातों में जमा कराने की अनुशंसा करने का आग्रह किया गया है।

    किसान महापंचायत ने औसत गुणवत्ता मानकों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग रखी। ज्ञापन में वर्षभर संचालित होने वाले स्थायी खरीद केंद्र ग्राम सेवा सहकारी समितियों और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों पर स्थापित करने का सुझाव दिया गया, ताकि लघु एवं सीमांत किसानों को नजदीक ही खरीद सुविधा उपलब्ध हो सके और परिवहन व्यय कम हो।

    इसके अतिरिक्त संगठन ने आयात-निर्यात नीतियों का निर्माण किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि कृषि नीति और व्यापार नीति में संतुलन बनाकर ही किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि संभव है।

    किसान महापंचायत ने आयोग से मांग की कि ज्ञापन में दिए गए सुझावों पर सकारात्मक विचार करते हुए किसानों को घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य की प्रभावी सुनिश्चितता के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

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