गुना: मध्य प्रदेश के गुना, चंदेरी और अशोकनगर के लिए बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर की खबर सामने आ रही है. जिससे विकास की नई संभावनाएं खुल सकती हैं. जिसके लिए केंद्रीय मंत्री एवं गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राज्य मंत्री नितिन गड़करी को पत्र लिखा है. जिसमें लिखा है कि, ''अपने संसदीय क्षेत्र के प्रमुख शहरों को प्रस्तावित मध्य भारत विकास पथ से जोड़ने का अनुरोध कर आपसे कर रहा हूं.
गुना अशोकनगर को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ने की मांग
यह परियोजना भारत सरकार के विजन-2047 के अंतर्गत राज्य में प्रस्तावित नए एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है. केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि गुना, अशोकनगर, चंदेरी, मुंगावली ओर पिछोर जैसे महत्वपूर्ण शहरों को प्रस्तावित मध्य भारत विकास पथ (नागपुर-भोपाल-ग्वालियर ग्रीन कॉरिडोर) से सीधे जोड़ा जाए.
सिंधिया ने अपने पत्र लेख किया है कि, ''वर्तमान में अशोकनगर, मुंगावली और चंदेरी जैसे प्रमुख शहर सीधे किसी राष्ट्रीय राजमार्ग से नहीं जुड़े हैं. इन शहरों को एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से जोड़ने से न केवल यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि क्षेत्र में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे.'' आगे लिखा कि, ''बेहतर सड़क संपर्क से ग्वालियर-चंबल संभाग तथा आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और यह पूरा क्षेत्र विकास के नए मार्ग पर आगे बढ़ेगा.''
746 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर
प्रस्तावित मध्य भारत विकास पथ वर्तमान में प्रारंभिक सर्वेक्षण के चरण में है. जिसके आगामी चार से पांच महीनों में पूरा होने की संभावना है. इस सर्वे में चंदेरी, अशोकनगर और मुंगावली को इस कॉरिडोर से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है. लगभग 746 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर मुरैना से प्रारंभ होकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र और आगे नागपुर तक जाएगा.
इसके माध्यम से न केवल प्रमुख शहरों के बीच आवागमन सुगम होगा, बल्कि चंदेरी और ओरछा जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को भी बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी. साथ ही यह मार्ग नागपुर से हैदराबाद तक की संपर्क व्यवस्था को भी मजबूत बनाएगा. केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने इसके अलावा भी 114.70 किलोमीटर लंबे गुना से अशोकनगर ओर चंदेरी (एनएच-54) मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग अपने पत्र के माध्यम से उठाई है. यह मार्ग एनएच-46, एनएच-346 और एनएच-44 को आपस में जोड़ते हुए क्षेत्रीय सडक़ नेटवर्क को और अधिक सुदृढ़ करेगा.


