बिलासपुर। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन गोंड़पारा स्थित आर्य समाज मंदिर में एक भव्य यज्ञ और सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्ण आहुतियां दी गईं और उपस्थित श्रद्धालुओं को नवरात्रि के आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया गया।
तन और मन की शक्ति का संचय
यज्ञ के उपरांत आचार्य मनीष शास्त्री ने नवरात्रि के पर्व को पूरी तरह वैदिक परिप्रेक्ष्य में समझाया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह पर्व केवल बाहरी पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे तन और मन की ऊर्जा को संचित कर आत्मिक उन्नति हासिल करने का एक स्वर्णिम अवसर है। इस दौरान भजनों की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को बेहद आध्यात्मिक बना दिया।
यजमानों का सम्मान और गणमान्य उपस्थिति
कार्यक्रम के अंत में आर्य समाज की तरफ से सभी यजमान परिवारों को स्मृति चिन्ह और धार्मिक साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में गोविंद माधव गुप्ता, चंदा गुप्ता, राजेंद्र कुमार तिवारी, वेद प्रकाश अग्रवाल, सिद्धार्थ गुप्ता, प्रेरणा गुप्ता और ज्योतिर्मय आर्य सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।


