बरसात का यह सुहाना मौसम जहाँ अपने साथ ठंडी फुहारें और चारों तरफ हरियाली की सौगात लेकर आता है, वहीं दूसरी तरफ इस मौसम में बढ़ने वाली उमस और चिपचिपाती नमी की वजह से चेहरे का मेकअप बहुत जल्दी खराब या पसीने में बहने लगता है। अक्सर महिलाओं को लगता है कि इस समस्या से निपटने का एकमात्र उपाय केवल महंगे वाटरप्रूफ प्रोडक्ट्स ही हैं, जबकि हकीकत यह है कि कुछ सही मेकअप तकनीकों और आसान ब्यूटी टिप्स को अपनाकर आप सामान्य कॉस्मेटिक्स से भी अपने लुक को लॉन्ग-लास्टिंग बना सकती हैं। यदि आप चाहती हैं कि बारिश और पसीने के बीच भी आपका मेकअप सुबह से शाम तक बिल्कुल फ्रेश और ग्लोइंग बना रहे, तो इन बेहतरीन टिप्स को अपनी डेली ब्यूटी रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।
स्किन प्रेप और आइसिंग का कमाल
किसी भी बेहतरीन और टिकाऊ मेकअप की शुरुआत हमेशा सही स्किन प्रेप (त्वचा की तैयारी) से होती है।
सबसे पहले अपने चेहरे को किसी माइल्ड फेसवॉश से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें, ताकि त्वचा पर जमा अतिरिक्त ऑयल और गंदगी निकल जाए।
इसके बाद चेहरे पर कूलिंग टोनर या गुलाब जल का इस्तेमाल करें, जिससे स्किन को तुरंत ताजगी मिले।
इसके बाद हल्का ऑयल-फ्री मॉइस्चराइजर लगाएं, ताकि त्वचा हाइड्रेट तो रहे लेकिन चिपचिपी न पड़े।
चेहरे पर 3 से 5 मिनट के लिए आइसिंग (बर्फ से सिंकाई) जरूर करें। यह प्रक्रिया स्किन के रोमछिद्रों (पोर्स) को टाइट करती है और उमस भरे मौसम में मेकअप को लंबे समय तक अपनी जगह पर टिकाए रखने में बेहद मददगार साबित होती है।
सही प्राइमर और हल्का बेस
अब अपनी त्वचा पर सिलिकॉन-बेस्ड प्राइमर लगाएं, विशेष तौर पर अपने टी-जोन (माथा, नाक और ठोड़ी का हिस्सा) पर, क्योंकि यहीं से मेकअप सबसे पहले पिघलना शुरू होता है। यह प्राइमर स्किन की सतह को बिल्कुल स्मूद बनाता है ताकि फाउंडेशन बेहतर तरीके से सेट हो सके।
इसके बाद हमेशा लाइटवेट (हल्का) बेस चुनें। दिन के समय भारी-भरकम फाउंडेशन के बजाय बीबी क्रीम या टिंटेड मॉइस्चराइजर का उपयोग करना ज्यादा बेहतर रहता है।
चेहरे पर मेकअप की बहुत ज्यादा लेयरिंग करने से बचें, क्योंकि नमी के संपर्क में आते ही यह पिघलकर पैची (धब्बेदार) दिखने लगता है। प्रोडक्ट की सही ब्लेंडिंग के लिए हमेशा नम ब्यूटी ब्लेंडर का ही इस्तेमाल करें।
कंसीलर और सेटिंग पाउडर की अहम भूमिका
कंसीलर का इस्तेमाल हमेशा बहुत सीमित मात्रा में और केवल वहीं करें जहाँ इसकी असल जरूरत हो, जैसे कि आंखों के नीचे डार्क सर्कल (अंडर-आई एरिया) या चेहरे के दाग-धब्बों पर।
चेहरे पर बहुत अधिक कंसीलर लगाने से क्रीजिंग (रेखाएं पड़ना) की समस्या हो जाती है। इसे तुरंत ट्रांसलूसेंट पाउडर से सेट कर लें ताकि यह अपनी जगह पर मजबूती से लॉक हो जाए।
ऑयल को पूरी तरह नियंत्रण में रखने और मेकअप को लंबे समय तक तरोताजा बनाए रखने के लिए पूरे चेहरे पर हल्का सा सेटिंग पाउडर भी लगाया जा सकता है।
वाटरप्रूफ प्रोडक्ट्स और फाइनल सेटिंग
इस बरसात के मौसम में हमेशा वाटरप्रूफ मस्कारा, स्मज-प्रूफ काजल और वाटरप्रूफ आईलाइनर का ही चुनाव करें।
चेहरे पर क्रीम-बेस्ड ब्लश और ब्रॉन्जर का इस्तेमाल करने से बचें, इसकी जगह लिक्विड या टिंटेड प्रोडक्ट्स चुनें।
मेकअप के अंतिम चरण में एक अच्छी क्वालिटी का सेटिंग स्प्रे जरूर छिड़कें, जो आपके पूरे मेकअप को पूरी तरह से लॉक कर देगा।
इसके अलावा, दिनभर टच-अप के लिए अपने पास हमेशा एक कॉम्पैक्ट पाउडर और मिनी सेटिंग स्प्रे जरूर रखें ताकि जरूरत पड़ने पर आप अपने लुक को फिर से सेट कर सकें।
मेकअप एक्सपर्ट की राय: सही तरीका अपनाएं
प्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट कनिका गौरव टंडन का कहना है कि सामान्य मेकअप को वाटरप्रूफ और लॉन्ग-लास्टिंग बनाने के लिए सबसे पहले चेहरे पर ऑयल-फ्री प्राइमर का इस्तेमाल करें। इसके बाद लॉन्ग-वेयर फाउंडेशन और कंसीलर को हल्के हाथों से अच्छी तरह ब्लेंड करें। चेहरे के क्रीम प्रोडक्ट्स के ऊपर हल्का ट्रांसलूसेंट पाउडर लगाकर उसे सेट कर लें। इसके बाद वाटरप्रूफ आईलाइनर, मस्कारा और ट्रांसफर-प्रूफ लिपस्टिक चुनें। अंत में पूरे चेहरे पर अच्छी गुणवत्ता वाला सेटिंग स्प्रे लगाएं, जिससे आपका मेकअप पसीने, उमस और हल्की-फुल्की बारिश में भी घंटों तक सुरक्षित रहे और एकदम खिला-खिला नजर आए।


