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    नई श्रम संहिता लागू: 40 साल से ऊपर के कर्मचारियों को मुफ्त हेल्थ चेकअप, गिग वर्कर्स को PF और ग्रेच्युटी का लाभ

    New gratuity law 2025: केंद्र सरकार ने श्रम सुधारों से जुड़ी चारों श्रम संहिताएं लागू कर दी हैं, जिसके साथ ही देशभर में कर्मचारियों, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉईज और गिग वर्कर्स के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रभावी हो गए हैं. नए प्रावधानों के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी कर्मचारियों को अब साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण उपलब्ध कराया जाएगा. यह सुविधा पहली बार पूरे देश में अनिवार्य रूप से लागू की गई है. माना जा रहा है कि नई श्रम संहिता से पारदर्शिता बढ़ेगी, कर्मचारियों की सुरक्षा मजबूत होगी और गिग व असंगठित क्षेत्र के लाखों कामगारों को औपचारिक मान्यता मिलेगी. अनुमान है कि इन प्रावधानों से देश के 5 करोड़ से अधिक श्रमिकों को सीधा लाभ पहुंचेगा.

    गिग वर्कर्स को PF और ग्रेच्युटी

    पहली बार गिग वर्कर्स, जैसे जोमैटो, उबर, स्विगी आदि के डिलीवरी/कॉन्ट्रैक्ट वर्कर के लिए सर्विस वाले प्रावधान किए गए हैं. ताकि, उनकी आर्थिक सुरक्षा तय हो सके और साथ ही सात मानसिक रूप से भी इस सपोर्ट से वह सुरक्षित महसूस कर सकें. रंग वर्कर्स को मिलने वाली सुविधाओं नीचे लिखे कुछ सुविधाएं अनिवार्य की गई हैं.

    • PF (Provident Fund)
      • ग्रेच्युटी
      • हेल्थ और सोशल सिक्योरिटी लाभ
मिलने की व्यवस्था की गई है.

    फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉई (FTE) को स्थायी कर्मचारियों जैसा वेतन

    • फिक्स्ड टर्म वाले कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलेगा।
    • उन्हें PF, हेल्थ, लीव और अन्य लाभ भी मिलेंगे।

    ओवरटाइम पर दोगुना वेतन

    • नए नियम के अनुसार ओवरटाइम करने पर डबल पे मिलेगा.

    एक साल नौकरी करने पर ग्रेच्युटी अधिकार

    • 1 साल की सेवा पूरी करने पर कर्मचारी ग्रेच्युटी के हकदार होंगे
(पहले 5 साल जरूरी थे).
    • महिला कर्मचारियों को विशेष सुरक्षा और सुविधा मिलेगी.

    पूरे देश में समान ईएसआईसी (ESIC)

    • ESIC की सुविधा पूरे देश में समान रूप से लागू होगी:
      • मातृत्व लाभ (Maternity Benefit)
      • बीमारी, कार्यस्थल दुर्घटना लाभ
      • मेडिकल सुविधाएं

    अन्य महत्वपूर्ण बातें

    • समय पर वेतन—1st से 10th के बीच तय रूप से सैलरी देना अनिवार्य.
    • 26 हफ्तों की paid maternity leave.
    • 5% श्रमिकों को बढ़े हुए लाभ (रिटायरमेंट व अन्य सुरक्षा).
    • महिलाओं के लिए रात की शिफ्ट में सुरक्षा प्रावधान.

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