More
    Homeदुनियाएशिया में नई जंग की आहट: जापान ने चीन की दहलीज तक...

    एशिया में नई जंग की आहट: जापान ने चीन की दहलीज तक तैनात कीं लंबी दूरी की मिसाइलें

    टोक्यो। एक ओर जहाँ पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग ने दुनिया को दहला रखा है, वहीं अब सुदूर पूर्व एशिया में भी एक नया और खतरनाक सैन्य मोर्चा खुलता नजर आ रहा है। जापान ने अपनी रक्षा नीति में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए आक्रामक अंदाज में लॉन्ग-रेंज मिसाइलों की तैनाती शुरू कर दी है, जिसका सीधा निशाना चीन का मुख्य भूभाग है। जापान के अपग्रेडेड टाइप-12 मिसाइल सिस्टम, जिनकी मारक क्षमता अब 1000 किलोमीटर तक बढ़ाई जा चुकी है, चीन के रणनीतिक ठिकानों तक वार करने में सक्षम हैं।
    जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के हालिया संकेतों ने बीजिंग की चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ताइवान के खिलाफ चीन की किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब जापान सैन्य स्तर पर दे सकता है। जापान की नई योजना में राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में संशोधन कर मानवरहित घातक हथियारों और लंबी दूरी की मिसाइलों के जरिए अपनी सैन्य शक्ति को कई गुना बढ़ाना शामिल है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जापान का यह कदम एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल सकता है।
    इन मिसाइलों की तैनाती कुमामोटो प्रान्त के कैंप केंगुन में की जा रही है, जहाँ भारी-भरकम मिसाइल लॉन्चर्स को आधी रात के अंधेरे में बेहद गोपनीय तरीके से पहुँचाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह गुपचुप तरीके से की गई सैन्य गतिविधि कोई सामान्य प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीतिक चेतावनी है। सरकार द्वारा पहले से कोई सूचना न दिए जाने के कारण स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है, लेकिन टोक्यो ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अब आक्रामक तैयारी ही एकमात्र विकल्प है।
    कुमामोटो के गवर्नर ताकाशी किमुरा ने इस गोपनीयता पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें इस महत्वपूर्ण तैनाती के बारे में मीडिया रिपोर्टों से पता चला, जो निराशाजनक है। इसके जवाब में क्षेत्रीय रक्षा ब्यूरो ने घोषणा की है कि 31 मार्च को पूर्ण तैनाती से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों को उपकरणों की प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित किया जाएगा, हालांकि किसी सार्वजनिक चर्चा की योजना नहीं है। रक्षा मंत्रालय ने चीन के बढ़ते खतरे को देखते हुए इस तैनाती के कार्यक्रम को तय समय से एक साल पहले ही क्रियान्वित करने का फैसला लिया था। मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित यह टाइप-12 मिसाइल अपनी मूल 200 किलोमीटर की क्षमता से पांच गुना अधिक शक्तिशाली हो चुकी है। जापान द्वारा दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में यह सैन्य घेराबंदी ऐसे समय में की जा रही है जब ताइवान के आसपास चीन की गतिविधियां चरम पर हैं। जापान ने ओकिनावा, इशिगाकी और मियाको जैसे द्वीपों पर पहले ही पीएसी-3 इंटरसेप्टर तैनात कर दिए हैं और आने वाले वर्षों में योनागुनी द्वीप पर मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें तैनात करने की योजना है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here