इंफाल। मणिपुर के कांगपोकपी जिले में नगा समुदाय के छह लोगों की नृशंस हत्या के मामले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और मणिपुर पुलिस की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार तड़के लेइलोन वाइफेई गांव में एक विशेष अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान हत्या के आरोप में एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान प्रदीप और उसकी पत्नी आयिंगबी के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये दोनों आरोपी घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे और उनकी गिरफ्तारी के लिए गुप्त सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाया गया था।
गिरफ्तारी और सुरक्षा अभियान का विवरण
पुलिस के अनुसार, खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी जिले के कुकी-जो बहुल गांव में दबिश दी। इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए तलाशी और जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ के लिए ले जाया गया है। प्रशासन का मानना है कि इन लोगों की गिरफ्तारी से मामले की कड़ियों को जोड़ने और हत्याकांड के पीछे की पूरी साजिश का पर्दाफाश करने में बड़ी मदद मिलेगी।
हिंसा और सामुदायिक आक्रोश का प्रभाव
बीते 13 मई को हुई छह नगा नागरिकों की हत्या ने राज्य में जातीय तनाव को और गहरा कर दिया था। इस घटना के विरोध में नगा और मैतेई समुदायों द्वारा राज्य भर में जोरदार प्रदर्शन किए गए। नगा संगठनों ने कांगपोकपी जिले की नाकेबंदी कर दी थी, जिसके चलते आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित हुई और स्थानीय स्तर पर महंगाई में भारी उछाल दर्ज किया गया। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार घटनाक्रम की निगरानी कर रही हैं ताकि दोबारा हिंसा न भड़के और शांति बहाल की जा सके।
सामुदायिक माफी और बयानों पर विवाद
इस दर्दनाक घटना के बाद कुकी-जो काउंसिल (KZC) के अध्यक्ष हेनलिएंथंग थांगलेट का बयान काफी चर्चा में रहा। उन्होंने सामुदायिक तौर पर माफी मांगते हुए इसे एक गंभीर भूल बताया था और घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। हालांकि, बाद में काउंसिल ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष के बयान को घटना की सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में गलत तरीके से लिया गया है। काउंसिल का कहना है कि वह बयान केवल मानवीय संवेदना और नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर दिया गया था, न कि समुदाय पर दोष मढ़ने के लिए। फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं।

