मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में दिशा सालियान मौत का मामला एक बार फिर से बेहद गरमाता हुआ नजर आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता और राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में लग रहे गंभीर आरोपों के बीच पूरी संभावना है कि शिवसेना (यूबीटी) के युवा विधायक आदित्य ठाकरे या तो देश छोड़कर जा चुके हैं अथवा विदेश जाने की फिराक में हैं।
विरोध मार्च से दूरी और गिरफ्तारी का अंदेशा
भाजपा नेता नितेश राणे ने आरोप लगाया है कि आदित्य ठाकरे ने गत रविवार को मुंबई में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के नेतृत्व में निकाले गए विशाल विरोध प्रदर्शन व मार्च में जानबूझकर हिस्सा नहीं लिया। राणे का कहना है कि आदित्य ठाकरे ने यह दूरी गिरफ्तारी के डर और कानूनी शिकंजे से बचने के लिए बनाई है। हालांकि उनकी गैरमौजूदगी की आधिकारिक वजह बीमारी बताई गई थी, लेकिन राणे ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी आड़ में यह भी संभव है कि वह विदेश जा चुके हों, इसलिए उनके सरकारी व निजी आवासों पर जाकर उनकी उपस्थिति की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
दिशा सालियान मौत मामले की पृष्ठभूमि और सीबीआई जांच
ज्ञात हो कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके की एक आवासीय इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के ठीक एक सप्ताह बाद सुशांत सिंह राजपूत भी बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे, जिसके बाद दोनों मामलों के बीच आपसी संबंध होने की तमाम अटकलें लगाई जाने लगी थीं। उस दौरान मुंबई पुलिस ने आकस्मिक मौत (एडीआर) का मामला दर्ज किया था और लंबी जांच के बाद यह निष्कर्ष निकाला था कि सालियान ने आत्महत्या की थी। हालांकि, मृतका के पिता ने कानूनी लड़ाई लड़ते हुए इस मामले में आदित्य ठाकरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की पुरजोर मांग की है। बंबई उच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों के बाद हाल ही में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में नया मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फिलहाल किसी भी व्यक्ति को आरोपी के रूप में सीधे तौर पर नामजद न किया जाए।
आदित्य ठाकरे का बचाव और राजनीतिक बयानबाजी
दूसरी ओर, विधायक आदित्य ठाकरे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपना कड़ा बचाव किया है। उनका कहना है कि कुछ राजनीतिक दल और विरोधी नेता राजनीतिक द्वभावना के चलते उनकी साफ-सुथरी छवि को धूमिल करने के लिए जानबूझकर उनका नाम इस पुराने मामले से जोड़ने का घृणित प्रयास कर रहे हैं। बहरहाल, नितेश राणे के इस ताजा और तीखे दावे के बाद महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में एक बार फिर से उबाल आ गया है और आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक सरगर्मी और अधिक तेज होने के पूरे आसार हैं।


