लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का एलान करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी है। पार्टी के इस कदम को विपक्ष के सामाजिक-राजनीतिक दांव-पेच का मुकाबला करने और राज्य में अपने पक्ष में माहौल तैयार करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
सांगठनिक ढांचे में संतुलन और प्रतिनिधित्व
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राज्य से आठ प्रमुख चेहरों को जगह देकर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। इनमें शीर्ष सांगठनिक पदों के अलावा विभिन्न मोर्चों की कमान भी सौंपी गई है। पार्टी ने इस बार अगड़ों, पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं को शामिल कर एक व्यापक सामाजिक आधार तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
महिला सशक्तीकरण और नेतृत्व का संदेश
केंद्रीय टीम में राज्य की तीन महिला नेताओं को स्थान देकर पार्टी ने महिला प्रतिनिधित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी देकर संगठन में उनकी भूमिका को नया विस्तार दिया गया है। वहीं, रेखा वर्मा को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय टीम में शामिल कर सांगठनिक अनुभव को तवज्जो दी गई है।
पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को जोड़ने की पहल
राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चे की कमान सौंपकर पार्टी ने बड़े वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है। इसके अलावा, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए रखने और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त करने जैसे फैसलों के जरिए पार्टी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।


