More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशजमीन के पुराने दस्तावेजों के लिए नहीं लगानी पड़ेगी दौड़, कलेक्ट्रेट में...

    जमीन के पुराने दस्तावेजों के लिए नहीं लगानी पड़ेगी दौड़, कलेक्ट्रेट में खुला नया अभिलेखागार

    मऊगंज| मऊगंज के किसानों, भू-स्वामियों और आम जनता के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। अब जमीन से जुड़े पुराने कागजात और राजस्व रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के अनगिनत चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए मऊगंज जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में एक आधुनिक अभिलेखागार (रिकॉर्ड रूम) का आधिकारिक रूप से शुभारंभ कर दिया गया है। जिला प्रशासन की इस जनहितकारी पहल से अब भूमि से संबंधित सभी पुराने दस्तावेज एक ही छत के नीचे आसानी से मिल सकेंगे।

    एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे जमीन के तमाम पुराने दस्तावेज

    इस नए अभिलेखागार का उद्घाटन जिला एवं सत्र न्यायाधीश की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पुराने राजस्व अभिलेखों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आम नागरिकों को इन्हें सुगमता से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

    आपको बता दें कि अब तक पुराने खसरा-खतौनी, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य जरूरी भूमि दस्तावेजों के लिए लोगों को कई अलग-अलग कार्यालयों के धक्के खाने पड़ते थे। रिकॉर्ड ढूंढने में अधिक समय लगने के कारण किसानों और भू-धारकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब जिला मुख्यालय पर ही यह सुविधा मिलने से लोगों के अनमोल समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

    न्यायिक और प्रशासनिक कार्यों में आएगी तेजी

    इस नई सुविधा का प्रत्यक्ष लाभ उन सभी नागरिकों को मिलेगा जिन्हें अदालती मामलों, नामांतरण, जमीन के बंटवारे, बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं या अन्य प्रशासनिक कार्यों के वास्ते पुराने भूमि अभिलेखों की आवश्यकता पड़ती है। दस्तावेजों के एक ही जगह पर मिल जाने से मामलों के निपटारे में भी उल्लेखनीय तेजी आएगी।

    इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अभिलेखों का सुव्यवस्थित रखरखाव करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर नागरिकों को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को अधिक सरल, सहज और पारदर्शी बनाना है, जिससे जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here