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    धान बेचने के लिए नहीं तय करनी होगी लंबी दूरी, छत्तीसगढ़ में 354 नए खरीदी केंद्र

    रायपुर | छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए धान खरीदी की व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि राज्य में जल्द ही 354 नए धान खरीदी केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन नए केंद्रों के शुरू होने से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूर-दराज के इलाकों तक का लंबा सफर तय करने की परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह महत्वपूर्ण घोषणा राजधानी रायपुर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए की। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को सर्वोपरि रखते हुए उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

    किसानों को धान बेचने के लिए अब नहीं तय करनी होगी लंबी दूरी

    अक्सर ऐसा देखा जाता है कि प्रदेश के कई ग्रामीण इलाकों में किसानों को अपनी धान की उपज बेचने के लिए काफी दूर स्थित खरीदी केंद्रों तक जाना पड़ता है, जिससे परिवहन का खर्च और समय दोनों बर्बाद होते हैं। नए धान खरीदी केंद्रों के खुलने से स्थानीय स्तर पर ही फसल बेचने की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे ढुलाई और समय से जुड़ी तमाम परेशानियों में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की हर जरूरत को बारीकी से ध्यान में रखते हुए कृषि व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत करने का काम कर रही है।

    दो वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य पूरे करने का लक्ष्य

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लगभग 11 हजार करोड़ रुपये से जुड़े विकास कार्यों को आगामी दो वर्षों के भीतर समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के एजेंडे में किसान, गरीब, युवा और महिलाएं प्रमुख केंद्र बिंदु हैं। राज्य के संतुलित और सर्वांगीण विकास के लिए हर क्षेत्र में नई योजनाओं और परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास और सुरक्षा पर विशेष जोर

    बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बस्तर और अन्य क्षेत्रों में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे सफल अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब तेजी से नक्सल मुक्ति की ओर अग्रसर है। संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने पर सरकार का विशेष फोकस है, ताकि विकास की मुख्यधारा से वंचित क्षेत्रों के लोगों का जीवन स्तर सुधर सके।

    केंद्रीय योजनाओं और किसान कल्याण पर मंथन

    कार्यसमिति की इस बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने केंद्र सरकार की जनहितकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्वच्छता अभियान और ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण जैसे अभियानों के सकारात्मक सामाजिक प्रभावों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पहलों से विशेषकर हमारी माताओं, बहनों और बेटियों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ी हैं।

    राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कृषि एवं किसानों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से किसानों के जीवन में आर्थिक खुशहाली लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि वे सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनके लाभ सीधे किसानों तक पहुँचाएं।

    संगठन विस्तार और बूथ स्तर की मजबूती पर बल

    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने किसान मोर्चा को पार्टी संगठन का एक अत्यंत मजबूत आधार स्तंभ करार दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ और ग्राम स्तर तक संगठन को सशक्त बनाएं और किसानों के साथ निरंतर संवाद कायम रखें। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर ने सांगठनिक गतिविधियों और आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा साझा की। इस कार्यसमिति बैठक में भाजपा और किसान मोर्चा के तमाम प्रदेश व जिला स्तर के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जहाँ आगामी कार्यक्रमों और किसानों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक मंथन किया गया।

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