रावलपिंडी। पाकिस्तान के युवा ऑलराउंडर खिलाड़ी अराफात मिन्हास ने अपने शानदार और जादुई प्रदर्शन के दम पर क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया है। रावलपिंडी के मैदान पर खेले गए एक रोमांचक त्रिकोणीय सीरीज के मुकाबले में मिन्हास ने बल्ले और गेंद दोनों से ऐसा करिश्मा दिखाया कि मजबूत मानी जाने वाली इंग्लैंड की टीम जीत की दहलीज पर पहुंचकर फिसल गई और 87 रनों के बड़े अंतर से मुकाबला हार गई। मिन्हास ने इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए 58 गेंदों में शानदार 59 रनों की बहुमूल्य पारी खेली और उसके बाद गेंदबाजी में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए मात्र 40 रन खर्च करके इंग्लैंड के 6 महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। उनके इस सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 302/9 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया और जवाब में उतरी इंग्लैंड की पूरी टीम को 215 रनों पर ही ढेर कर दिया।
शानदार रिकॉर्ड बनाकर महान ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी की बराबरी
इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ ही युवा खिलाड़ी अराफात मिन्हास वनडे क्रिकेट के एक ही मैच में अर्धशतक जड़ने और छह विकेट हासिल करने वाले पाकिस्तान के इतिहास के केवल दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। पाकिस्तानी वनडे क्रिकेट के लगभग 53 वर्षों के लंबे इतिहास में उनसे पहले यह अनूठा कारनामा केवल पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने किया था। अफरीदी ने वर्ष 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले में शानदार अर्धशतक लगाने के साथ-साथ मात्र 12 रन देकर 7 विकेट झटके थे। मिन्हास के इस प्रदर्शन के बाद खेल प्रेमी और सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें नया 'शाहिद अफरीदी' कहकर पुकार रहे हैं, हालांकि क्रिकेट पंडितों का मानना है कि अफरीदी के विशाल करियर रिकॉर्ड्स की तुलना में अभी यह शुरुआती दौर है।
ताश के पत्तों की तरह बिखरी इंग्लैंड की पारी और मिन्हास का कहर
303 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत बेहद मजबूत रही थी। सलामी बल्लेबाज टॉम बैंटन और बेन डकेट ने पहले विकेट के लिए शानदार 120 रनों की शतकीय साझेदारी कर टीम को जीत की स्थिति में ला खड़ा किया था। बैंटन ने 53 गेंदों में पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 57 रन बनाए, जबकि डकेट ने 45 रनों का योगदान दिया, लेकिन इसके बाद पाकिस्तानी स्पिनर अराफात मिन्हास ने मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया। एक समय मजबूत दिख रही इंग्लैंड की टीम ने अपने आखिरी नौ विकेट महज 95 रनों के अंतराल पर ही गंवा दिए और पूरी टीम 38.4 ओवरों में 215 रनों पर सिमट गई। मिन्हास ने अपनी बेहतरीन बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से अंग्रेजी बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का कोई मौका नहीं दिया।
घातक गेंदबाजी से झटके छह विकेट और संभाली शुरुआती लड़खड़ाती पारी
अराफात मिन्हास ने अपनी फिरकी के जाल में फंसाते हुए सबसे पहले सेट बल्लेबाज टॉम बैंटन को आउट किया, जिसके बाद खतरनाक माने जा रहे हैरी ब्रूक को 5 रन पर बोल्ड कर दिया। इसके बाद उन्होंने जॉर्डन कॉक्स, विल जैक्स और जेमी ओवरटन को सस्ते में पवेलियन भेजकर अपने करियर का दूसरा फाइव-विकेट हॉल पूरा किया और कुल छह विकेट चटकाए। दूसरी ओर, मैच की शुरुआत में पाकिस्तान की बल्लेबाजी भी बेहद खराब रही थी और महज़ 133 रनों पर ही उसके 5 प्रमुख विकेट गिर चुके थे। ऐसे में छठे विकेट के लिए हसन नवाज (79 रन) और मिन्हास ने 78 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को संकट से निकाला। इसके बाद फहीम अशरफ (39 रन) के साथ मिलकर मिन्हास ने सातवें विकेट के लिए 72 रन जोड़े, जिससे पाकिस्तान का स्कोर 302 रन तक पहुंच सका और टीम ने शानदार अंदाज में मुकाबला अपने नाम किया।


