इंदौर। मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर के जूनी इंदौर क्षेत्र में मंगलवार की रात विजयदशमी के पर्व पर रावण दहन के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पावन पर्व की चल रही खुशियों और उमंग के बीच आतिशबाजी से उड़ी एक चिंगारी ने एक सूनी और बंद पड़ी बहुमंजिला इमारत की छत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां भीषण आग भड़क उठी। रात के वक्त घटी इस अचानक घटना से आसपास के रहवासी क्षेत्रों में अफरा-तफरा मच गई और डर के मारे लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए।
बंद इमारत की छत पर फैला था कबाड़
स्थानीय पुलिस थाना जूनी इंदौर के प्रभारी अनिल गुप्ता से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में स्थित सुयोग अस्पताल के ठीक सामने बनी एक बंद पड़ी कमर्शियल इमारत में हुई। बताया जा रहा है कि इस लावारिस और बंद इमारत की छत पर पिछले काफी समय से भारी मात्रा में कबाड़ और व्यर्थ सामग्री डंप करके रखी गई थी। जैसे ही आतिशबाजी से निकली कोई गर्म चिंगारी उड़कर छत पर पहुंची, वहां पड़े सूखे कबाड़ और ज्वलनशील कचरे ने तुरंत आग पकड़ ली और कुछ ही पलों में आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं।
बच्चों द्वारा किए जा रहे रावण दहन से फैली चिंगारी
घटनास्थल के आसपास रहने वाले प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पास ही की एक अन्य इमारत के समीप कुछ छोटे बच्चे और स्थानीय लोग अपने स्तर पर रावण का दहन कर रहे थे। उसी दौरान जब वे पटाखे फोड़ रहे थे, तो आतिशबाजी के दौरान निकली एक तेज चिंगारी हवा में उड़कर इस बंद पड़ी इमारत की छत पर जा गिरी। छत पर कबाड़ और कचरा फैला होने के कारण आग पलभर में बेकाबू हो गई, जिसे देखकर आसपास के मकानों में रहने वाले परिवार बुरी तरह सहम गए।
तत्परता से बुझाई गई आग और काटी गई बिजली
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया। दमकलकर्मियों को आग पर पूरी तरह काबू पाने में किसी प्रकार की बाधा न आए और कोई अनहोनी न हो, इसके लिए एहतियात के तौर पर प्रशासन ने तुरंत पूरे इलाके की विद्युत आपूर्ति कुछ देर के लिए काट दी। बिजली बंद होने के बाद दमकल गाड़ियों की मदद से पानी की तेज बौछारें डालकर कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।


