भोपाल। मध्य प्रदेश में जुलाई की शुरुआत से ही लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मूसलाधार बरसात की वजह से पार्वती नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग पर नदी के बीचोबीच तैयार किया गया अस्थायी वैकल्पिक रास्ता पानी में पूरी तरह समा गया है। नदी की जलधारा का प्रवाह इतना प्रचंड है कि इसे पार करने का प्रयास करना सीधे तौर पर जान को खतरे में डालने जैसा है।
सभी तरह के वाहनों और पैदल चलने पर पूर्ण पाबंदी
स्थिति की गंभीरता और किसी भी प्रकार की अनहोनी व जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए बैरसिया एसडीएम ने फौरन कदम उठाते हुए इस मार्ग पर सभी तरह के आवागमन को रोकने के आदेश दे दिए हैं। जारी किए गए प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, पार्वती नदी पर बना पुराना मुख्य पुल पहले से ही जर्जर होने के कारण बंद पड़ा था। अब यातायात के लिए चालू किया गया वैकल्पिक मार्ग भी जलमग्न हो चुका है, इसलिए बाइक, कार, ट्रैक्टर और भारी वाहनों के साथ-साथ पैदल राहगीरों के आने-जाने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
एसडीएम द्वारा जारी किए गए आधिकारिक फरमान में सभी संबद्ध महकमों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में तुरंत मजबूत बैरिकेडिंग की जाए, चेतावनी देने वाले बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा संकेतक स्थापित किए जाएं ताकि कोई भी नागरिक भूलवश या जानबूझकर जोखिम न उठाए। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी इन नियमों या प्रतिबंधों का उल्लंघन करने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 और अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सुरक्षा बल तैनात, वैकल्पिक रास्तों के इस्तेमाल की सलाह
इस आदेश को धरातल पर कड़ाई से लागू करने के लिए राजस्व, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और जनपद पंचायत के अफसरों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संवेदनशील पॉइंट पर पर्याप्त सुरक्षा बल और पुलिसकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को रोका जा सके। इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस बंद मार्ग की तरफ जाने के बजाय पूरी तरह सुरक्षित और स्वीकृत वैकल्पिक रास्तों का ही चयन करें।


