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    उफनती नदी और तेज बहाव के बीच जोखिम भरी आवाजाही, तलेटी के ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

    बारां: राजस्थान के बारां जिले के शाहाबाद उपखंड के अंतर्गत आने वाले तलेटी क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का जनजीवन पर व्यापक असर देखने को मिल रहा है। लगातार झमाझम बारिश के कारण इस क्षेत्र के तमाम छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर चल रहे हैं। हालात यह हैं कि तलेटी क्षेत्र के दर्जनों गांवों का मुख्य प्रशासनिक मुख्यालय से सड़क संपर्क पूरी तरह से कट गया है, जिसके चलते ग्रामीणों को अपने रोजमर्रा के आवश्यक कार्यों के लिए भी आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    चौराखाड़ी गांव के पास जानलेवा हुआ आवागमन

    क्षेत्र में सबसे खतरनाक और दयनीय स्थिति चौराखाड़ी गांव के समीप बहने वाली नदी की बनी हुई है। इस नदी पर लंबे समय से पक्का पुल या पुलिया न होने के कारण ग्रामीण अपनी जिंदगी को दांव पर लगाकर उफनती हुई धारा को पार करने को विवश हैं। कई ग्रामीण तेज और खतरनाक बहाव के बीच पैदल ही नदी पार करते नजर आ रहे हैं, तो कुछ लोग अपनी मोटरसाइकिल व अन्य दोपहिया वाहनों समेत इस जोखिम भरे पानी से गुजर रहे हैं।

    इस समय इस नदी पर करीब दो फीट ऊपर तक पानी की तेज चादर बह रही है। ऐसे में थोड़ी सी भी असावधानी किसी बड़े और भीषण हादसे को न्योता दे सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में भी इसी नदी को पार करते वक्त कई दर्दनाक हादसे घटित हो चुके हैं।

    प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भड़के ग्रामीण, लगाए लापरवाही के गंभीर आरोप

    इस विकट परिस्थिति के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने इन उफनते नदी-नालों पर सुरक्षा के लिहाज से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। लोगों को इस संभावित खतरे के प्रति आगाह करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई चेतावनी बोर्ड या सतर्कता अभियान तक नहीं चलाया गया है।

    मौके पर न तो किसी प्रकार की पुलिस या प्रशासनिक बैरिकेडिंग की गई है और न ही सुरक्षा के मद्देनजर किसी कर्मचारी या गार्ड को तैनात किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की यह उदासीनता उनके लिए हर पल जानलेवा साबित हो रही है।

    पुल-पुलिया के निर्माण और स्थायी समाधान की मांग

    ग्रामीणों का कहना है कि पुल-पुलिया के अभाव में आवागमन की यह बदतर स्थिति हर साल बरसात के मौसम में पैदा होती है, जिसके कारण उन्हें अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने अब प्रशासन के खिलाफ लामबंद होते हुए तुरंत प्रभाव से सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने की मांग की है।

    इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए और चौराखाड़ी के पास जल्द से जल्द एक पक्के पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि तलेटी क्षेत्र के गांवों का संपर्क सुचारू हो सके और लोगों को इस रोज-रोज के जोखिम से मुक्ति मिल सके।

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