More
    Homeदेशलौहपुरुष की जयंती पर पीएम मोदी का संदेश, सरदार पटेल के योगदान...

    लौहपुरुष की जयंती पर पीएम मोदी का संदेश, सरदार पटेल के योगदान को बताया प्रेरणास्रोत

    गांधीनगर। स्वतंत्र भारत के शिल्पकार और देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के शुभ अवसर पर पूरे भारत में राष्ट्रीय एकता दिवस अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात स्थित 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' पहुंचे, जहां उन्होंने लौह पुरुष की विशाल प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए 426.71 करोड़ रुपये की 31 विभिन्न पर्यटन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी कर रहे हैं।

    देश की राजधानी में दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

    दिल्ली के पटेल चौक स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और लोकसभा सांसद बांसुरी स्वराज सहित कई गणमान्य हस्तियों ने उपस्थित होकर सरदार साहब को नमन किया।

    प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल के विचारों को बताया प्रेरणादायी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र निर्माण में सरदार पटेल के अद्वितीय योगदान को याद करते हुए कहा कि एक अखंड, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए उनका पूरा जीवन समर्पित रहा। भारत मां की सेवा में दिया गया उनका त्याग और समर्पण आज भी विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के लिए देशवासियों के लिए एक महान प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

    केंद्रीय गृह मंत्री ने सरदार साहब की विरासत पर दी प्रतिक्रिया

    राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता के बाद लंबे समय तक सरदार साहब को वह उचित सम्मान नहीं मिला, जिसके वे वास्तव में हकदार थे और इतिहास में उनके अमूल्य योगदान को ओझल करने का प्रयास किया गया। हालांकि, सत्य को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान नरेंद्र मोदी ने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का निर्माण कराकर लौह पुरुष की अमिट विरासत को पूरी दुनिया के सामने नई मजबूती के साथ स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य किया।

    राष्ट्रीय एकता दिवस का गौरवशाली इतिहास

    31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में जन्मे सरदार वल्लभभाई पटेल देश के महान स्वतंत्रता सेनानी, दूरदर्शी राजनेता और कुशल अधिवक्ता थे। देश को एक सूत्र में पिरोने के उनके ऐतिहासिक प्रयासों और सैकड़ों रियासतों का भारत संघ में विलय कराने की अद्भुत क्षमता के कारण ही उनकी जयंती को हर साल पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में बेहद सम्मानपूर्वक मनाया जाता है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here