चित्तौड़गढ़। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में संभावित गैंगवार की सुगबुगाहट के बीच पुलिस और एक शातिर हिस्ट्रीशीटर बदमाश के बीच जबरदस्त मुठभेड़ का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किया गया आरोपी प्रभुसिंह चौहान अवैध हथियारों से लैस होकर पैरोल पर बाहर चल रहे एक अन्य हिस्ट्रीशीटर ईश्वरसिंह डेट को मौत के घाट उतारने की खतरनाक साजिश रच रहा था। समय रहते पुलिस को इस खौफनाक योजना की भनक लग गई, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज वारदात को होने से पूरी तरह रोक लिया गया।
नाकाबंदी के दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी प्रभुसिंह चित्तौड़गढ़ के सदर थाने का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि वह अवैध हथियार लेकर घूम रहा है और पुरानी आपसी रंजिश के चलते विरोधी गिरोह के मुख्य सदस्य पर हमला करने की फिराक में है। इसी सूचना के आधार पर जिलेभर में कड़ी नाकाबंदी की गई। जब पुलिस दल ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अपनी रक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।
पुरानी रंजिश और अजयराज सिंह हत्याकांड से जुड़ा है विवाद, पुलिस ने टाल दी बड़ी वारदात
शुरुआती जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह पूरा विवाद पिछले साल हुए बहुचर्चित अजयराज सिंह हत्याकांड से जुड़ा हुआ है। इस मामले में पैरोल पर बाहर चल रहे हिस्ट्रीशीटर ईश्वरसिंह डेट को निशाना बनाने की पूरी तैयारी की जा चुकी थी। पुलिस को पुख्ता अंदेशा था कि दोनों विरोधी गुटों के बीच वर्चस्व और पुरानी रंजिश के चलते किसी भी वक्त भीषण गैंगवार भड़क सकती थी। पुलिस की इस तत्परता और मुस्तैदी से न केवल एक बड़ी वारदात टल गई, बल्कि आपराधिक तत्वों के मंसूबों पर भी पानी फेर दिया गया।
जिला अस्पताल के आईसीयू में कड़ी सुरक्षा के बीच भर्ती, अवैध हथियार और कारतूस बरामद
मुठभेड़ में घायल होने के बाद आरोपी प्रभुसिंह को तत्काल जिला चिकित्सालय के ट्रॉमा वार्ड स्थित आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी सुरक्षा के मद्देनजर क्विक रिस्पांस टीम (QRT) और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया गया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटनास्थल से तमाम महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। इस संबंध में शंभूपुरा थाने में पुलिस पर जानलेवा हमला करने और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, तथा पुलिस इस पूरे आपराधिक नेटवर्क की गहराई से छानबीन कर रही है।

