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    ‘शीश महल 2.0’ पर सियासी संग्राम, प्रवेश वर्मा का अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला

    नई दिल्ली। भाजपा नेता और दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल पर तीखा जुबानी हमला बोला है। वर्मा ने केजरीवाल के नए निवास को 'शीश महल 2' करार देते हुए उनकी तुलना 'रहमान डकैत' से कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली के बाद अब पंजाब में भी भ्रष्टाचार के जरिए आलीशान महल तैयार किया गया है।


    'रहमान डकैत' से की तुलना

    प्रवेश वर्मा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस तरह पुराने समय में डकैत लूट मचाते थे, वैसे ही केजरीवाल ने दिल्ली को लूटा है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली कोविड की भीषण लहर से जूझ रही थी और लोग दवाइयों के लिए दर-दर भटक रहे थे, तब केजरीवाल अपने 'शीश महल' को सजाने में व्यस्त थे। वर्मा के अनुसार, दिल्ली की जनता ने जब उन्हें नकारा, तो वे पंजाब की ओर रुख कर गए।

    पंजाब में 'कब्जे' का आरोप

    भाजपा नेता ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के समीप स्थित चार सरकारी बंगलों पर केजरीवाल और उनके करीबियों का कब्जा है।

    • बंटवारा: वर्मा ने आरोप लगाया कि इन घरों में केजरीवाल, सत्येंद्र जैन, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया का नियंत्रण है।

    • नया ठिकाना: केजरीवाल हाल ही में 95 लोधी एस्टेट स्थित बंगले में स्थानांतरित हुए हैं। प्रवेश वर्मा का कहना है कि सादगी का ढोंग करने वाले केजरीवाल अब राजसी ठाठ-बाट में रह रहे हैं।


    'आलीशान आदमी पार्टी' का दिया नाम

    वर्मा ने तंज कसते हुए सुझाव दिया कि अब आम आदमी पार्टी को अपना नाम बदलकर 'आलीशान आदमी पार्टी' कर लेना चाहिए। उन्होंने केजरीवाल से कुछ कड़े सवाल पूछे:

    1. इस नए महल के निर्माण में कितना धन खर्च किया गया?

    2. इस अकूत संपत्ति का असली स्रोत और मालिक कौन है?

    3. क्या पार्टी के पुराने और ईमानदार कार्यकर्ता इसी विलासिता को देखकर साथ छोड़ रहे हैं?

    प्रशासनिक काम के बजाय घर पर ध्यान

    प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल के नए घर के बारीक लेआउट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि केजरीवाल ने घर के एक-एक कमरे को डिजाइन करने में जितना दिमाग और वक्त लगाया है, यदि उसका आधा हिस्सा भी वे दिल्ली की समस्याओं को सुलझाने में देते, तो आज उनकी पार्टी बिखराव की कगार पर नहीं होती। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का ध्यान जनता की सेवा के बजाय खुद के ऐशो-आराम पर अधिक है।

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