मुंबई। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई एक विवादित टिप्पणी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखा पलटवार किया है। शनिवार को संजय राउत ने पीएम मोदी को 'अघोरी' और क्रूर बताते हुए उनके गृह राज्य गुजरात को 'औरंगजेब की धरती' करार दिया था। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भाजपा ने कहा कि आम चुनावों में मिली करारी हार और राजनीतिक हताशा के कारण विपक्ष अब मानसिक संतुलन खो चुका है और भाषाई मर्यादा की सभी सीमाओं को लांघ रहा है। सत्ताधारी दल ने आरोप लगाया कि राउत का यह बयान न केवल देश के शीर्ष संवैधानिक पद का बल्कि समूचे गुजरात और वहां की जनता का एक बहुत बड़ा अपमान है।
राउत के तीखे बोल और प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व पर साधा निशाना
संजय राउत ने पुणे में मीडियाकर्मियों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि लोकतांत्रिक राजनीति के इतिहास में उन्होंने नरेंद्र मोदी जैसा 'अघोरी' और कठोर हृदय वाला राजनेता पहले कभी नहीं देखा, जिनका पूरा व्यक्तित्व केवल विरोधियों में खौफ पैदा करने का काम करता है। राउत यहीं नहीं रुके, उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री उसी मिट्टी और भौगोलिक क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं, जहां क्रूर शासक औरंगजेब का जन्म हुआ था। इस बयान के सामने आते ही महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक के सियासी गलियारों में एक नया बवंडर खड़ा हो गया।
भाजपा प्रवक्ता पूनावाला का पलटवार, कहा- राहुल गांधी की राह पर चल रहे हैं राउत
राउत के इस विवादित बयान पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक वीडियो संदेश जारी कर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि इंडी (I.N.D.I.A.) गठबंधन के नेता अपनी लगातार हो रही राजनीतिक विफलताओं के कारण बौखला गए हैं। पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल शुरू से ही प्रधानमंत्री मोदी के प्रति व्यक्तिगत विद्वेष की भावना से भरे हुए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब तक अलग-अलग मंचों से प्रधानमंत्री के खिलाफ 150 से अधिक अमर्यादित और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर चुके हैं और अब उनके सहयोगी संजय राउत भी उसी नक्शेकदम पर चलते हुए देश के एक गौरवशाली राज्य गुजरात को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। जनता इस गाली-गलौज की राजनीति का जवाब ईवीएम के जरिए फिर देगी।
कांग्रेस डूबता जहाज नहीं, शरद पवार करें एकजुटता की पहल: राउत
दूसरी तरफ, संजय राउत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस बयान पर भी पलटवार किया जिसमें उन्होंने कांग्रेस को एक 'डूबता हुआ जहाज' बताया था। राउत ने फडणवीस के दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी कभी डूबता हुआ जहाज नहीं हो सकती और आज भी सत्ताधारी दल के शीर्ष नेता कांग्रेस के वजूद से खौफ खाते हैं। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार से अपील की कि वे देश में भाजपा की 'विकृत राजनीति' का मुकाबला करने के लिए उन सभी नेताओं को एक मंच पर लाएं जो अतीत में कांग्रेस छोड़कर अलग हो गए थे। राउत ने भाजपा पर इतिहास में कोई योगदान न होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह दल न तो देश के स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा था और न ही संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में इसकी कोई भूमिका थी, इसलिए इन्हें दूसरों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।


