More
    Homeराजस्थानकोटाSIR प्रक्रिया पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने विधायक आक्या को घेरा

    SIR प्रक्रिया पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने विधायक आक्या को घेरा

    चित्तौड़गढ़|चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत ने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया की आड़ में लोकतंत्र की हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या पर सीधे तौर पर षड्यंत्रपूर्वक मतदाता सूची से नाम कटवाने का सनसनीखेज आरोप लगाया।पूर्व विधायक जाड़ावत ने कहा कि यह पूरा खेल आगामी पंचायतीराज और स्थानीय निकाय चुनावों को प्रभावित करने के उद्देश्य से रचा जा रहा है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि चित्तौड़गढ़ और भदेसर विधानसभा क्षेत्रों में गोपनीय और सुनियोजित तरीके से कमजोर तबके के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। जाड़ावत ने आरोप लगाया कि एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक और अन्य पिछड़े वर्गों के मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं, ताकि उनका मतदान अधिकार छीना जा सके। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यह न सिर्फ संविधान का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के अधिकारों की खुली हत्या है।

    विज्ञापन

    पूर्व विधायक ने और भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पास पुख्ता जानकारी है कि विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के कहने पर कुछ सरकारी कर्मचारी उनके घर पर बैठकर पूरी प्रक्रिया को संचालित कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एराल सीनियर हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल आलोक सिंह राठौड़, देवकीनंदन वैष्णव और राजेंद्र गगरानी विधायक के घर से बीएलओ को फोन कर दबाव बना रहे हैं और मतदाता सूची से नाम कटवाए जा रहे हैं। जाड़ावत ने दावा किया कि अब तक करीब दस हजार मतदाताओं के नाम हटाए जाने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि बुधवार को मतदाता सूची संशोधन की अंतिम तिथि है और इसी का फायदा उठाकर यह साजिश तेज की गई है।पूर्व विधायक ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने उपखंड अधिकारी से भी बात की है और फैल रही अफवाहों तथा वास्तविक स्थिति की जानकारी लेने को कहा है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। जाड़ावत ने संवैधानिक पदों पर बैठे अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन अधिकारियों को वर्षों तक सेवा करनी होती है, इसलिए किसी भी हाल में लोकतंत्र की हत्या का हिस्सा न बनें। उन्होंने कहा कि यदि बिना आपत्ति और नियमों को ताक पर रखकर बीएलओ द्वारा मतदाताओं के नाम काटे गए तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।पूर्व विधायक ने ऐलान किया कि इस मुद्दे के विरोध में गुरुवार सुबह 11 बजे कलेक्टर चौराहे पर ब्लॉक और नगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता सांकेतिक धरने पर बैठेंगे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाएंगे। इस दौरान पूर्व नगर पालिका चेयरमैन रमेश नाथ योगी, प्रेम प्रकाश मूंदड़ा, नगेंद्र सिंह, महेंद्र शर्मा, रणजीत लोठ, गोविंद शर्मा, विक्रम जाट, शंभूलाल प्रजापति, नवरत्न जीनगर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here