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    शराब दुकान हटाने की मांग पर सियासत तेज, प्रशासन ने जारी किया नोटिस

    जबलपुर। रांझी क्षेत्र के बड़ा पत्थर स्थित आंबेडकर पार्क के समीप खोली गई नई मदिरा दुकान को हटाने की मांग अब प्रशासनिक दांवपेंच में उलझ गई है। पिछले दो हफ्तों से स्थानीय रहवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रांझी एसडीएम कार्यालय की ओर से आंदोलन की अगुवाई कर रहे लोगों को एक आधिकारिक नोटिस थमाया गया है, जिसमें धरने को तत्काल समाप्त करने की हिदायत दी गई है।

    प्रशासनिक नोटिस में दो टूक कहा गया है कि इस प्रदर्शन के आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों से कोई वैधानिक अनुमति नहीं ली गई थी, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। कांग्रेस नेता और अधिवक्ता राजेंद्र मिश्रा की देखरेख में चल रहे इस धरने से इलाके की कानून-व्यवस्था और शांति प्रभावित होने का अंदेशा जताया गया है। प्रशासन ने आगाह किया है कि निर्देश की अनदेखी करने पर सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

    शराब दुकान खुलने से आक्रोश, प्रशासन ने बताया गैर-कानूनी

    यह पूरा विवाद जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा निर्मित व्यावसायिक परिसर में नई आबकारी दुकान की शुरुआत के बाद भड़का। रहवासी इलाके के पास दुकान खुलने से नाराज स्थानीय लोगों ने इसके विरोध में मोर्चा खोल दिया था। लगातार चल रहे इस प्रदर्शन को अब प्रशासन ने अवैध घोषित कर दिया है। एसडीएम दफ्तर से नोटिस जारी होने के बाद क्षेत्र में सियासी सरगर्मी काफी बढ़ गई है। प्रशासन का मानना है कि बिना पूर्व स्वीकृति के सड़क पर बैठना कानून-व्यवस्था के लिहाज से ठीक नहीं है, इसलिए इसे फौरन रोका जाए, अन्यथा कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

    दुकान हटने तक पीछे नहीं हटेंगे आंदोलनकारी

    प्रशासनिक सख्ती और नोटिस मिलने के बावजूद प्रदर्शनकारियों के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नेताओं का स्पष्ट मत है कि वे क्षेत्र की जनता के हितों और उनकी जायज मांगों को लेकर पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। जेडीए मार्केट में शराब दुकान संचालित होने से महिलाओं और स्थानीय परिवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक इस दुकान को यहाँ से किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जाता, तब तक वे अपना विरोध जारी रखने की अगली रणनीति तैयार कर रहे हैं। इस रुख के बाद प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ने की पूरी संभावना है।

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