More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशदतिया उपचुनाव की तैयारी तेज, नरोत्तम मिश्रा बने चुनाव संचालन समिति के...

    दतिया उपचुनाव की तैयारी तेज, नरोत्तम मिश्रा बने चुनाव संचालन समिति के प्रमुख

    भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर आगामी 30 जुलाई 2026 को होने वाले उपचुनाव के लिए राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है। मतदान की तारीख बेहद नजदीक होने के कारण सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनावी मैदान में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को अपनी रणनीतिक तैयारियों को अमलीजामा पहनाते हुए 32 सदस्यीय चुनाव संचालन समिति की घोषणा कर दी है। इस महत्वपूर्ण समिति की कमान प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और क्षेत्र के कद्दावर नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को सौंपी गई है, जिन्हें समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया है। इस बड़ी घोषणा के साथ ही भाजपा ने चुनाव प्रचार और बूथ प्रबंधन को लेकर अपना रोडमैप पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया है।

    वरिष्ठ नेताओं की सहमति से तैयार हुई समिति

    भारतीय जनता पार्टी ने इस उपचुनाव में विजय हासिल करने के उद्देश्य से अपनी इस विशेष समिति का गठन शीर्ष नेतृत्व के आपसी समन्वय के बाद किया है। इस चुनाव संचालन समिति का ऐलान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और इस उपचुनाव के प्रभारी व सांसद भारत सिंह कुशवाह की आपसी सहमति और विचार-विमर्श के बाद किया गया है। पार्टी ने दतिया उपचुनाव के मैदान में इस बार युवा चेहरे आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार बनाकर उतारा है। ऐसे में नए प्रत्याशी को जमीनी स्तर पर मजबूती देने और संगठन के सभी धड़ों को एक मंच पर लाने के लिए नरोत्तम मिश्रा जैसे अनुभवी नेता के हाथों में कमान सौंपना पार्टी की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    नरोत्तम मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने के मायने

    राजनीतिक गलियारों में नरोत्तम मिश्रा को चुनाव संचालन समिति का प्रमुख बनाए जाने के फैसले को काफी अहम माना जा रहा है। स्थानीय विश्लेषकों का मानना है कि टिकट न मिलने के बाद उपजे असंतोष को शांत करने और पार्टी के वरिष्ठ नेता की नाराजगी दूर करने के लिए आलाकमान ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इस निर्णय के जरिए भाजपा ने दतिया क्षेत्र में नरोत्तम मिश्रा के प्रभाव और उनके सांगठनिक कौशल पर दोबारा भरोसा जताया है। जारी की गई इस विस्तृत सूची में स्थानीय विधायक प्रदीप अग्रवाल और भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के वरिष्ठ सदस्य विवेक नारायणी समेत क्षेत्र के कई अन्य रसूखदार नेताओं को भी शामिल किया गया है ताकि सभी को साथ लेकर चुनावी जंग जीती जा सके।

    संचालन समिति में इन दिग्गज चेहरों को मिला स्थान

    भाजपा द्वारा घोषित की गई इस महत्वपूर्ण संचालन समिति में दतिया और उसके आसपास के क्षेत्रों के प्रभावशाली नेताओं को विशेष तरजीह दी गई है। समिति में रघुवीर सिंह कुशवाहा, प्रदीप अग्रवाल, विपिन गोस्वामी, अतुल भूरे चौधरी, संघमित्रा अहिरवार, डॉ. रामजी खरे, धीरू डांगी, प्रशांत ढेंगुला, बृजेश यादव, कमलेश अहिरवार, राधाकांत अग्रवाल, गुरुदेव भरण गुप्ता, जगदीश यादव, विक्रम बुंदेला, सुरेंद्र बुधौलिया, पुष्पेंद्र रावत, मोहन पटवा, माधवेंद्र परिहार, संतोष कटारे, राकेश भार्गव, महेश लोधी, मनोहर पाल फौजी, लक्ष्मण साहवानी, शिवराज सिंह जाट, कालीचरण कुशवाहा, बद्री साहू, अशोक सिजरिया, दयाल सिंह गुर्जर, मीनाक्षी कटारे, सुलक्षणा गंगोतिया, किरण गुप्ता और योगेश सक्सेना जैसे नेताओं को जगह दी गई है। यह पूरी टीम समन्वय बनाकर चुनाव प्रचार की दिशा तय करेगी।

    त्रिकोणीय मुकाबले और आपसी तालमेल की चुनौती

    इस उपचुनाव को बेहद प्रतिष्ठापूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस क्षेत्र में नरोत्तम मिश्रा का पुराना दबदबा रहा है और उनके चुनाव न लड़ने से समीकरणों में कई बड़े बदलाव आए हैं। संचालन समिति के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर किसी भी प्रकार के आंतरिक गतिरोध या असंतोष को दूर कर कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की होगी। विपक्ष भी इस बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य का पूरा फायदा उठाने की फिराक में है, जिसके कारण भाजपा अपनी इस नई रणनीति के तहत हर एक कदम बेहद फूंक-फूंक कर रख रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नरोत्तम मिश्रा के नेतृत्व में यह 32 सदस्यीय टीम नए उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को दतिया के चुनावी रण में जीत दिलाने में कितनी कामयाब साबित होती है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here