रायपुर : छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देने के लिए प्रदेश स्तर पर एक बड़ी कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में आज जांजगीर-चांपा जिले के अग्रणी शासकीय टी.सी.एल. स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक महत्वपूर्ण संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। उच्च शिक्षा विभाग की आयुक्त (कमिशनर) रीता यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्राचार्यों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य की गई थी।
विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए पहले ही साफ कर दिया था कि बैठक में किसी भी प्रतिनिधि को शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी, कमान प्राचार्यों को खुद संभालनी होगी। बैठक में शामिल हुए 63 कॉलेजों के प्रमुख इस व्यापक रणनीतिक बैठक में बिलासपुर संभाग, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के शासकीय व अशासकीय महाविद्यालयों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया।
बैठक में शामिल संस्थानों में स्वशासी कॉलेज बिलासपुर संभाग के 2 शासकीय और 2 अशासकीय स्वशासी महाविद्यालय। जांजगीर-चांपा जिला के 11 शासकीय और 27 अशासकीय महाविद्यालय। सक्ती जिला के 8 शासकीय और 13 अशासकीय महाविद्यालय। इनके अतिरिक्त, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर संभाग के आला अधिकारी भी इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का हिस्सा बने।
सत्र 2026-27 के लिए रोडमैप, 5 प्रमुख बिंदुओं पर रहा मुख्य फोकस
आयुक्त रीता यादव ने आगामी शैक्षणिक सत्र को लेकर महाविद्यालयों की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की। बैठक में मुख्य रूप से 5 एजेंडों पर जोर दिया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) का क्रियान्वयन के तहत प्रदेश के सभी कॉलेजों में नई शिक्षा नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने और इसके अनुरूप पाठ्यक्रम व संसाधनों को ढालने के निर्देश दिए गए।
सुगम प्रवेश और नियमित उपस्थिति
सत्र 2026-27 के लिए कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाने और विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति बढ़ाने हेतु कड़े कदम उठाने को कहा गया। डिजिटल गवर्नेंस और ई-ऑफिस प्रशासनिक कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था को अनिवार्य रूप से संचालित करने और जेम (GeM) पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी की समस्याओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।
शोध कार्य और ई-एजुकेशन
प्राध्यापकों के रिसर्च (शोध कार्यों) को बढ़ावा देने और ई-एजुकेशन के विकास की प्रगति की समीक्षा की गई ताकि छात्र आधुनिक तकनीक से सीधे जुड़ सकें। बैठक में अतिथि व्याख्याताओं के कार्यदायित्वों की समीक्षा की गई और विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के बीच आपसी तालमेल को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।
विद्यार्थियों का बेहतर भविष्य हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता
आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग रीता यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा और बेहतर भविष्य देना हमारी सरकार और विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी महाविद्यालय प्रशासनों को पूरी प्रतिबद्धता, गंभीरता और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। गुणवत्ता सुधार के हर प्रयास में उच्च शिक्षा विभाग महाविद्यालयों को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।


