More
    Homeदेशमहिला उद्यमिता को बढ़ावा, अमित शाह ने केरल में शुरू की ‘SHE...

    महिला उद्यमिता को बढ़ावा, अमित शाह ने केरल में शुरू की ‘SHE Mart’ पहल

    कोल्लम| केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को केरल के कोल्लम में सहकारिता क्षेत्र के विकास और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया। इनमें 'शी-मार्ट' (She-Mart) पहल प्रमुख रूप से शामिल है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को केवल कर्ज लेने तक सीमित न रखकर उन्हें अपना स्वतंत्र कारोबार संचालित करने वाली सक्षम उद्यमी बनाना है।

    शी-मार्ट मिशन और उसकी रूपरेखा

    'शी-मार्ट' पहल की घोषणा वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 'शी-मार्ट मिशन' के तहत की गई थी। इस योजना के माध्यम से स्व-सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं तथा ग्रामीण कुटीर उद्योगों से जुड़े स्थानीय उद्यमियों को सीधे तौर पर बाजार और ग्राहकों से जोड़ने की पुख्ता योजना बनाई गई है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके।

    2,500 से अधिक खुदरा दुकानों पर मिलेंगे स्थानीय उत्पाद

    केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने इस दौरान जानकारी दी कि नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) के देश भर में मौजूद 2,500 से अधिक रिटेल आउटलेट्स (खुदरा दुकानों) पर स्वदेशी भारतीय ब्रांड और स्थानीय उत्पादों को उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अतिरिक्त, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक राज्यों में 300 से अधिक 'शी-मार्ट' स्टोर स्थापित किए जाने की घोषणा की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य ध्येय ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को एक बड़ा बाजार प्रदान करना और उन्हें सीधे उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बनाने का अवसर देना है।

    सस्ते दरों पर प्याज, भारत आटा और भारत चावल की शुरुआत

    इस कार्यक्रम के दौरान एनसीसीएफ और नेफेड (NAFED) की मोबाइल वैन के माध्यम से केरल की आम जनता को रियायती और किफायती दरों पर प्याज, 'भारत आटा' तथा 'भारत चावल' उपलब्ध कराने की सेवा का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही, 'नेफेड कल्याण छात्रवृत्ति योजना' के अंतर्गत दो प्रमुख किसान परिवारों की मेधावी बेटियों को शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति भी वितरित की गई।

    केरल के सहकारी आंदोलन की सराहना

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केरल में स्वतंत्रता प्राप्ति से भी बहुत पहले से सहकारिता की एक अत्यंत सुदृढ़ और संगठित व्यवस्था चली आ रही है। उन्होंने त्रावणकोर, कोचीन और मालाबार क्षेत्रों में सहकारिता आंदोलन के समृद्ध ऐतिहासिक सफर का विशेष रूप से उल्लेख किया। शाह के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में अकेले केरल राज्य में 23 हजार से अधिक सहकारी समितियां पूरी सक्रियता के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने राज्य से आग्रह किया कि वे केंद्र सरकार की विभिन्न सहकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। साथ ही, उन्होंने डेयरी विकास, बीज उत्पादन और जैविक कृषि (ऑर्गेनिक फार्मिंग) के क्षेत्रों में केंद्र की ओर से हरसंभव विशेष सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करने का भरोसा दिलाया।

    महिला सशक्तिकरण और सहकारिता को बढ़ावा

    अमित शाह ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि सहकारिता के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी और मजबूत बनाना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। 'शी-मार्ट' जैसी योजनाओं के जरिए स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उनके हस्तनिर्मित और अन्य उत्पादों के लिए सुलभ बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार की ओर से सहकारी तंत्र को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के वास्ते डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग तथा सहकारी निर्यात (कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट) को बढ़ावा देने के लिए भी युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here