पुणे: महाराष्ट्र में पुणे जिले के दौंड स्थित यवत में चार दिन पहले छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के अपमान के कारण तनाव पैदा हो गया था। इसके कारण यवत और दौंड तालुका में बंद का आह्वान किया गया था। इसी बीच बीजेपी नेता गोपीचंद पडलकर, संग्राम जगताप और किन्नर अखाड़ा प्रमुख जगद्गुरु स्वामी हेमांगी सखीजी कल उस जगह पर आए और भाषण दिए। उनके लौटते ही आज सुबह यवत में दंगे भड़क उठे।
क्यों भड़का विवाद?
दरअसल यवत में गोपीचंद पडलकर, विधायक संग्राम जगताप और अन्य लोगों ने भाषण दिए। फिर 'फेसबुक' पर एक पोस्ट के कारण फिर से तनाव पैदा हो गया और उसके बाद आज सुबह भीड़ ने बाज़ार बंद करा दिया और कुछ घरों, बेकरी और धार्मिक स्थलों पर हमला कर दिया। कुछ दुकानों और घरों में आग लगा दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दंगा नियंत्रण दल घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने आंसू गैस के गोले दागे और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। इस घटना के बाद यवत में तनावपूर्ण शांति है।
आरोपी अरेस्ट, इलाके में कर्फ्यू लगा
छवि खराब करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर तुरंत गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन उसके बाद भी इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना रहा। फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने से माहौल हिंसक हो गया। पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण कर लिया है और इलाके में कर्फ्यू लगा दिया है। आज यवत में साप्ताहिक बाजार लगता है। लेकिन तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए बाजार में भीड़ नहीं है।
शांति बनाए रखने की अपील
दौंड विधायक राहुल कुल ने स्थानीय लोगों से धैर्य रखने और शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस की ओर से स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी हैं। आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर सहमति बनी थी। लेकिन इसी बीच किसी ने आपत्तिजनक पोस्ट कर दी और हंगामा हो गया। इससे स्थिति बिगड़ गई। कुल ने घटनाक्रम बताया। हम सभी लोगों को विश्वास में लेकर और प्रशासन की मदद से शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। विधायक कुल ने कहा कि ये प्रयास सफल भी हो रहे हैं।


