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    रामभद्राचार्य के शिष्य दीनानाथ बने महंत, मठ को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प

    मुजफ्फरपुर: मुसहरी प्रखंड के रोहुआ अपूछ गांव स्थित रामजानकी मठ में बुधवार से चार दिवसीय भव्य धार्मिक महोत्सव का उल्लासपूर्ण शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रख्यात संत और पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य विशेष रूप से पधारे। मठ पहुँचने पर हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और जयकारों के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया।

    नए महंत का अभिषेक

    महोत्सव के प्रथम दिन जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए अपने प्रिय शिष्य दीनानाथ दास को रामजानकी मठ का नया महंत नियुक्त किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे नए महंत के नेतृत्व में एकजुट होकर मठ की सेवा करें और किसी भी प्रकार के मतभेद या विवाद को स्थान न दें।

    'राघवीय' के नाम से जाना जाएगा रोहुआ गांव

    कार्यक्रम के दौरान जगद्गुरु ने ग्रामीणों और भक्तों को उस समय रोमांचित कर दिया, जब उन्होंने रोहुआ गांव का नाम बदलकर 'राघवीय' करने की घोषणा की। इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ ही पूरा आयोजन स्थल 'जय सियाराम' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

    मठ के विकास के लिए बड़े संकल्प

    जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने इस प्राचीन मठ को वैश्विक पटल पर स्थापित करने के लिए कई योजनाओं का अनावरण किया:

    • विश्वस्तरीय मंदिर: मठ परिसर में एक भव्य और कलात्मक मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।
    • गुरुकुल की स्थापना: भारतीय संस्कृति और ज्ञान के प्रसार के लिए यहाँ एक आधुनिक गुरुकुल खोला जाएगा।
    • निजी खर्च पर निर्माण: संत ने घोषणा की कि इन सभी विकास कार्यों का संपूर्ण व्यय वे स्वयं वहन करेंगे।

    धीरेंद्र शास्त्री का आगमन और सुरक्षा व्यवस्था

    इस चार दिवसीय आयोजन के लिए प्रशासन और आयोजकों ने व्यापक तैयारियां की हैं:

    • विशाल आयोजन: संतों और भक्तों के ठहरने के लिए भव्य पंडाल और अत्याधुनिक मंच तैयार किया गया है।
    • विशेष आकर्षण: कार्यक्रम के समापन अवसर पर 25 अप्रैल को बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन होगा, जिसे लेकर क्षेत्र में भारी उत्साह है।
    • व्यवस्था: भीड़ प्रबंधन के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।

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