More
    Homeराज्यछत्तीसगढ़कोरबा के बालकों में रैंप योजना का शुभारंभ, हस्तकला उद्यमियों को मिलेगा...

    कोरबा के बालकों में रैंप योजना का शुभारंभ, हस्तकला उद्यमियों को मिलेगा प्रशिक्षण

    कोरबा।  कोरबा जिले के बालकों क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी रैंप योजना (RAMP) का शुभारंभ किया गया। इस योजना के अंतर्गत हस्तकला क्षेत्र में कार्यरत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को उद्यमिता विकास, व्यवसाय प्रबंधन तथा बाजार विस्तार से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह कार्यक्रम डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स, छत्तीसगढ़ एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों एवं उद्यमियों को आधुनिक व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ विपणन, ब्रांडिंग, लागत प्रबंधन एवं वित्तीय नियोजन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को समझ सकें। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा व्यवसाय में प्रगति के गुर, सरकारी योजनाओं का लाभ, डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग एवं मूल्य संवर्धन की जानकारी दी जाएगी। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं प्रशिक्षण प्रदाताओं ने बताया कि रैंप योजना से क्षेत्र के हस्तशिल्प उद्यमियों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे। कार्यक्रम में बालकों की सीएसआर हेड सुश्री प्रिंसी जोन्स, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान से देवेंद्र साबले, उद्यमिता विशेषज्ञ भानु दास, ट्रेनर रजनी देवांगन, स्रोत से सत्य प्रकाश जायसवाल, एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि रैंप योजना केंद्र और राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को सशक्त किया जा रहा है। कोरबा के बालकों क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे कारीगर हैं, जो पारंपरिक हस्तकला से जुड़े होने के बावजूद आधुनिक बाजार, ब्रांडिंग और प्रबंधन की जानकारी के अभाव में पीछे रह जाते हैं। रैंप योजना इसी कमी को दूर करने का प्रयास है।

    मिलेगा उद्यमिता और कौशल विकास का प्रशिक्षण

    योजना के अंतर्गत चयनित हस्तकला उद्यमियों को

    • उद्यमिता विकास

    • वित्तीय प्रबंधन

    • उत्पाद की गुणवत्ता सुधार

    • पैकेजिंग और ब्रांडिंग

    • डिजिटल मार्केटिंग

    • सरकारी योजनाओं की जानकारी

    जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जोड़ने की भी पहल की जाएगी, ताकि वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकें।

    स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

    अधिकारियों ने कहा कि रैंप योजना से न केवल कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पारंपरिक हस्तकला को नई पहचान मिलेगी। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हस्तकला उद्यमियों से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और प्रशिक्षण के माध्यम से अपने हुनर को व्यवसाय में बदलें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कारीगरों के साथ हर स्तर पर खड़ी है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here