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    भीषण गर्मी से मिलेगी राहत: झारखंड के 15 जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार

    रांची | झारखंड में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने वाला है। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के अधिकांश इलाकों में आंशिक रूप से बादलों का डेरा रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्के से मध्यम स्तर की वर्षा और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की प्रबल आशंका जताई गई है। मौसम में आ रहे इस बदलाव के चलते पिछले कुछ समय से चिलचिलाती धूप और उमस झेल रहे प्रदेशवासियों को तपती गर्मी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

    अंधड़ को लेकर चेतावनी और पारे में आंशिक उछाल का अनुमान

    मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ राज्य में चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं (अंधड़) चलने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही तापमान को लेकर अनुमान जताया गया है कि आगामी तीन दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इस शुरुआती उछाल के बाद अगले कुछ दिनों तक पारे में किसी बड़े या अचानक बदलाव की संभावना नहीं है, जिससे मौसम मिलाजुला बना रहेगा।

    सप्ताहभर के लिए येलो अलर्ट और संताल से रांची तक दिखेगा असर

    बदलते हालातों को देखते हुए मौसम केंद्र ने तीन जून से आठ जून के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया है। तीन जून को पूरे प्रदेश में तेज हवाओं और वज्रपात का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद चार और पांच जून को विशेष रूप से पूर्वी हिस्सों यानी संताल परगना और उससे सटे मध्य भागों, जिसमें राजधानी रांची और इसके आसपास के क्षेत्र शामिल हैं, में तेज हवाएं चलने की बात कही गई है। वहीं, छह जून को उत्तर-पूर्वी जिलों को छोड़कर राज्य के बाकी सभी हिस्सों में अंधड़ चलने की आशंका जताई गई है।

    सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक हिदायत और बरती जाने वाली सावधानियां

    मौसम में अचानक होने वाले इस बदलाव और वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसानों और राहगीरों से अपील की गई है कि वे मेघ गर्जन या बिजली कड़कने के समय बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। इसके साथ ही खराब मौसम के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या जनहानि से बचा जा सके।

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