नासिक। महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर अंचल में हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसके तहत अगले 24 घंटों के भीतर 300 मिलीमीटर तक अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने त्र्यंबकेश्वर और नासिक के मध्यवर्ती पहाड़ी इलाकों में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) जैसी अप्रिय घटना की भी आशंका व्यक्त की है, जिससे प्रशासनिक अमला पूरी तरह चौकन्ना हो गया है।
आधी रात को आपदा प्रबंधन मंत्री ने संभाला मोर्चा
अतिवृष्टि से उपजे हालातों पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन और सरकार रात से ही मुस्तैद है। राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने आधी रात को खुद प्रभावित क्षेत्र त्र्यंबकेश्वर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने रात 11 बजे घोटी इगतपुरी का निरीक्षण करने के बाद देर रात 12 बजे त्र्यंबकेश्वर के मेटघर गांव का जायजा लिया। तेज हवाओं के साथ बढ़ती बारिश को देखते हुए मंत्री ने संवेदनशीलता बरतते हुए मेटघर फोर्ट और आस-पास के निचले इलाकों में रह रहे 27 परिवारों के 100 से अधिक ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया।
स्कूल-कॉलेजों में अवकाश और प्रमुख आस्था केंद्र बंद
सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए जिला कलेक्टर ने नासिक संभाग के सभी सरकारी व निजी स्कूल-कॉलेज और शिक्षण संस्थानों में तात्कालिक छुट्टी घोषित कर दी है। इसके साथ ही सुप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर और साढ़े तीन शक्तिपीठों में शुमार सप्तश्रृंगी माता मंदिर को भी आज के लिए श्रद्धालुओं के वास्ते पूरी तरह बंद रखा गया है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन ने विशेषकर गोदावरी और अन्य सहायक नदियों के तट पर बसी बस्तियों के नागरिकों को हाई अलर्ट पर रहने और बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की हिदायत दी है।
पालघर और वसई-विरार में भी भारी तबाही, रेस्क्यू टीमें तैनात
नासिक के अलावा सूबे के पालघर और वसई-विरार जिलों में भी कुदरत का कहर देखने को मिला है, जहां अब तक रिकॉर्ड 350 से 400 मिलीमीटर तक पानी बरस चुका है। पालघर क्षेत्र में एक स्थानीय बांध (डैम) की पिचिंग वॉल का कुछ हिस्सा ढहने के कारण आस-पास के रिहायशी इलाकों में पानी भरने का खतरा पैदा हो गया, जिसके बाद एहतियात के तौर पर करीब 1,000 नागरिकों को सुरक्षित शिविरों में शिफ्ट किया गया है। वर्तमान में नासिक, इगतपुरी, डिंडोरी और पेठ तालुकों में स्थानीय प्रशासन के साथ पुलिस और एसआरपीएफ (स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स) की टुकड़ियां मुस्तैदी से राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।


