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    Homeराज्यबिहारसरकारी संपत्ति पर कब्जे की मानसिकता छोड़े राजद- संजय सरावगी

    सरकारी संपत्ति पर कब्जे की मानसिकता छोड़े राजद- संजय सरावगी

    पटना। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी द्वारा सरकारी आवास खाली नहीं करने संबंधी दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में अब कानून का राज है और कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी बड़ा पदाधिकारी या पूर्व मुख्यमंत्री ही क्यों न रहा हो, नियमों और कानून से ऊपर नहीं हो सकता। ‎उन्होंने कहा कि सरकारी आवास किसी व्यक्ति या परिवार की निजी संपत्ति नहीं होती, बल्कि यह जनता के टैक्स के पैसे से निर्मित और संचालित सार्वजनिक संपत्ति है। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के तहत ही आवासों का आवंटन और पुनः आवंटन किया जाता है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी आदेश की अवहेलना करना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों का अपमान है। ‎भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सरावगी ने कहा कि राजद और लालू परिवार की राजनीति हमेशा से सत्ता को निजी अधिकार समझने की रही है। यही कारण है कि आज भी वे सरकारी संसाधनों और संपत्तियों को जनता की धरोहर के बजाय अपने निजी अधिकार के रूप में देखते हैं। ‎उन्होंने कहा कि लालू यादव के परिवार की आदत सरकारी संसाधनों और जनता के पैसे की लूट-खसोट की राजनीति से जुड़ी रही है। बिहार की जनता ने लंबे समय तक इस मानसिकता का दुष्परिणाम देखा है और अब प्रदेश की जनता ऐसी प्रवृत्तियों को स्वीकार करने वाली नहीं है। ‎‎सरावगी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का यह कहना कि सरकार फोर्स लगाकर आवास खाली करवाए, उनके अहंकार और कानून के प्रति असम्मान को दर्शाता है। लोकतंत्र में नियम सभी के लिए समान होते हैं। यदि सरकार ने नियमों के अनुसार कोई निर्णय लिया है, तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उसे राजनीतिक विवाद का विषय बनाया जाना चाहिए। ‎उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार सुशासन, पारदर्शिता और कानून के शासन की नीति पर कार्य कर रही है। सरकार किसी के प्रति द्वेष की भावना से नहीं, बल्कि स्थापित नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुरूप निर्णय ले रही है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राजद नेताओं से आग्रह किया कि वे जनता को गुमराह करने और अनावश्यक राजनीतिक नाटक करने के बजाय कानून का सम्मान करें। बिहार की जनता अब परिवारवाद, विशेषाधिकार और सरकारी संसाधनों पर कब्जे की राजनीति नहीं, बल्कि जवाबदेही, सुशासन और विकास की राजनीति चाहती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार में कानून के शासन को चुनौती देने वाली किसी भी प्रवृत्ति को जनता उचित जवाब देगी। ‎उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार की सरकार ने जो आदेश दिया था उसी को यह सरकार जमीन पर उतार रही है। पूर्व सीएम राबड़ी देवी को याद रखना चाहिए कि यह राजतंत्र नहीं लोकतंत्र है, लेकिन आप अभी भी खुद को रानी समझ रही है। ‎उन्होंने कहा, लोकतंत्र में जनता ही मालिक होता है। ऐसे में उन्हें (राबड़ी देवी) को  सरकारी आवास तो खाली करना  ही पड़ेगा। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या राबड़ी देवी  नहीं चाहती हैं कि कोई दलित समाज का व्यक्ति बड़े घर मे रंहे? क्या सिर्फ आपको ही को बड़े घर मे रहने का अधिकार है?
     

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