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    चार नवंबर को दंपती से हुई लूट का खुलासा, आरोपियों के पास मिले तीन डॉलर के नोट

    वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाली लालपुर-पांडेयपुर थाना पुलिस ने अमेरिकी डॉलर का झांसा देकर भोले-भाले नागरिकों के साथ धोखाधड़ी और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से 46,005 रुपये नकद, 60 अमेरिकी डॉलर के नोट तथा इस आपराधिक कृत्य में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान शेख रफीक और प्रमोद कुमार (दोनों निवासी गाजियाबाद) तथा मोहम्मद इब्राहिम (निवासी उत्तर पूर्वी दिल्ली) के रूप में हुई है।

    डकैती और धोखाधड़ी की वारदात का खुलासा

    एसीपी प्रज्ञा पाठक ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर के जरिए सटीक सूचना प्राप्त हुई थी कि उक्त तीनों शातिर अपराधी ऐढ़े अंडरपास के समीप किसी अन्य बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में खड़े हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और दोनों बाइकों पर सवार तीनों संदिग्धों को दबोच लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि वे सीधे-साधे और कम पढ़े-लिखे लोगों को सस्ते दामों में अमेरिकी डॉलर बेचने का लालच देते थे। इसके पश्चात वे उन्हें किसी सुनसान और एकांत स्थान पर बुलाकर भारतीय मुद्रा ऐंठ लेते थे और मौका पाकर धोखाधड़ी व लूटपाट कर फरार हो जाते थे। गत 4 नवंबर को उन्होंने पांडेयपुर चौराहे के निकट एक दंपत्ति को अपना निशाना बनाते हुए उनसे एक लाख बीस हजार रुपये से भरा थैला छीन लिया था। विरोध जताने पर उन्होंने पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दी और मौके से रफूचक्कर हो गए थे।

    बरामदगी और अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास

    पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि लूटी गई रकम को तीनों आरोपियों ने आपस में पच्चीस-पच्चीस हजार रुपए करके बांट लिया था। तलाशी के दौरान अभियुक्तों के पास से कुल 46,005 रुपये भारतीय मुद्रा, 60 अमेरिकी डॉलर मूल्य के तीन नोट, सात विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन और 12 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस की छानबीन में यह बात भी पुष्ट हुई है कि गिरफ्तार आरोपियों में से शेख रफीक का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है, जिसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के कोतवाली थाने में लूट और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त प्रमोद कुमार और मोहम्मद इब्राहिम के खिलाफ भी इस नवीनतम लूट के प्रकरण में कानूनी कार्रवाई की गई है। आरोपी अपनी पहचान छिपाने और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार अलग-अलग मोबाइल हैंडसेट और सिम कार्डों का इस्तेमाल करते थे।

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