मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ और आसपास के क्षेत्रों को दहला देने वाले दो चर्चित हत्याकांडों—सौरभ राजपूत मर्डर केस और बहसूमा के अमित कश्यप हत्याकांड—में अदालत द्वारा मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। इन मामलों में मौत की सजा पाने वाले चारों दोषियों—मुस्कान, साहिल, रविता और अमरदीप के अधिवक्ताओं द्वारा आगामी दशहरे के अवकाश के बाद उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) में अपील दायर की जाएगी। इस सिलसिले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से दोषी अमरदीप और साहिल के परिजनों ने हाल ही में मुलाकात की थी। चारों दोषियों द्वारा अपनी पैरवी के लिए निजी वकीलों का चयन किया गया है।
फांसी की सजा के बाद दोषियों की बढ़ी बैचेनी और मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग
अदालत से मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद से जेल में बंद इन चारों दोषियों की मानसिक स्थिति काफी विचलित चल रही है और उनकी रातों की नींद उड़ चुकी है। जेल प्रशासन द्वारा उनकी हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए उनकी बैरकों के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। इसके अलावा, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा दशहरे के बाद इन सभी दोषियों की विशेष मानसिक काउंसलिंग की जाएगी ताकि उन्हें तनाव से बाहर निकाला जा सके।
लखनऊ और आगरा जेल में स्थानांतरण की प्रक्रिया
जेल प्रशासन के अनुसार, दोषी साहिल और अमरदीप को आगरा जिला कारागार में स्थानांतरित करने के संबंध में लखनऊ स्थित उच्चाधिकारियों के साथ पत्राचार किया गया है। इसी प्रकार, महिला दोषियों को लखनऊ स्थित नारी बंदी निकेतन में शिफ्ट किया जाना है। हालांकि, वर्तमान में वहां जगह उपलब्ध न होने के कारण इन दोषियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया में कुछ समय लग सकता है।
अमित कश्यप हत्याकांड और साक्ष्यों का सनसनीखेज खुलासा
बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में हुए अमित कश्यप उर्फ मिक्की हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-12) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा के साथ-साथ आर्थिक दंड से दंडित किया है। गत वर्ष अप्रैल माह में अमित का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बिस्तर पर मिला था, जिसे प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए उसके शरीर के पास एक जिंदा सांप रख दिया गया था। मृतक के भाई द्वारा जिद करके कराए गए पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हुआ था कि अमित की मौत गला और मुंह दबाकर की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर दोनों प्रेमियों को गिरफ्तार कर लिया था।
नीले ड्रम वाला बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड
दूसरी ओर, मेरठ के बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने पति सौरभ राजपूत की क्रूरता से हत्या करने वाली उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। लंदन से लौटे सौरभ द्वारा अपने रिश्तों में बाधा बनने का विरोध करने पर मुस्कान ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी और शव के टुकड़े नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से सील कर दिए थे, जिसके बाद दोनों आरोपी शिमला और मनाली घूमने चले गए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया था और अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर इन्हें मौत की सजा सुनाई है।


