उज्जैन। शहर के उदयन मार्ग पर देर रात घटित हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) लक्ष्मीनारायण गर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। रोज की तरह रात्रि भोज के उपरांत अपने शासकीय आवास के समीप पैदल टहलने निकले प्रशासनिक अधिकारी को पीछे से आ रही एक अनियंत्रित और अत्यधिक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा देर रात लगभग साढ़े दस बजे के आसपास घटित हुआ। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल अधिकारी को तुरंत निकटतम निजी चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों की विशेष टीम की निगरानी में उनका गहन उपचार चल रहा है।
पैदल टहलने के दौरान हुआ भीषण हादसा
प्राप्त विवरण के अनुसार एसडीएम लक्ष्मीनारायण गर्ग उच्च न्यायालय से जुड़े प्रशासनिक और शासकीय कार्यों का निपटारा करके देर शाम अपने सरकारी बंगले पर वापस लौटे थे। रात्रि भोजन करने के उपरांत वे हमेशा की तरह पैदल वॉक करने के उद्देश्य से घर से बाहर निकले थे। अभी वे अपने शासकीय आवास से महज सौ मीटर की दूरी पर ही पहुंचे थे कि पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित दुपहिया वाहन चालक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर का प्रभाव इतना तीव्र था कि अधिकारी अपना संतुलन खो बैठे और सीधे सड़क पर गिर पड़े। इस दुर्घटना में उनकी गर्दन पर गंभीर चोट आई है तथा बाईं आंख के ऊपरी हिस्से की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है। दुर्घटनास्थल पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें उठाया और तीन बत्ती चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल पहुँचाया।
वाहन चालक भी चोटिल और पुलिस जाँच जारी
हादसे के दौरान अनियंत्रित बाइक सवार को भी शरीर में कुछ चोटें आई हैं। मोटरसाइकिल चालक की पहचान, वाहन की सटीक गति और दुर्घटना किन विशेष परिस्थितियों में घटित हुई—इन सभी बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि होना अभी शेष है। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जाँच शुरू कर दी है और वैधानिक प्रक्रिया के तहत स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा और पैदल आवाजाही पर उठे सवाल
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के साथ घटित इस घटना ने देर रात शहर की सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों के बेकाबू परिचालन और पैदल चलने वाले नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रात्रि के समय शहर के व्यस्ततम मार्गों पर पैदल चलना भी खतरे से खाली नहीं रह गया है। फिलहाल अस्पताल में भर्ती एसडीएम की स्थिति पर चिकित्सक लगातार नजर बनाए हुए हैं।



