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    “किशोरी से मातृत्व तक” महिलाओं के हर चरण में स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करेगा शक्ति केंद्र : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और सशक्त समाज की नींव रखती है। सरकार "किशोरी से मातृत्व तक" महिलाओं के हर चरण में स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल कर रही है। "शक्ति केन्द्र" इसी सोच का प्रतिफल है, जहां महिलाओं को उनकी सभी स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए एक ही स्थान पर समग्र, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कैलाश नाथ काटजू सिविल अस्पताल भोपाल में "शक्ति केन्द्र – वन स्टॉप संपूर्ण महिला स्वास्थ्य केन्द्र" का शुभारंभ किया।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है और स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने गरीब, वंचित और कमजोर वर्गों के लिए तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के द्वार खोल दिए हैं, जिससे अब आर्थिक अभाव उपचार में बाधा नहीं बन रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक विस्तार हुआ है और मेडिकल कॉलेजों एवं सीटों की संख्या में निरंतर वृद्धि की जा रही है, जिससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने केन्द्र का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध अत्याधुनिक मशीनों एवं सेवाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों से संवाद कर सेवाओं की गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि "शक्ति केन्द्र" महिलाओं को जागरूक, स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में एक अभिनव और महत्वपूर्ण पहल है, जो उन्हें एक ही छत के नीचे समग्र, आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर उनके जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने केन्द्र प्रभारी एवं आईईसी डायरेक्टर डॉ. रचना दुबे को बधाई देते हुए कहा कि यह केन्द्र महिलाओं में जागरूकता बढ़ाने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    संचालक आईईसी एवं केंद्र प्रभारी डॉ. रचना दुबे ने केन्द्र की अवधारणा, उद्देश्य और सेवाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि "शक्ति केन्द्र" (स्प्रेडिंग हेल्थ अवेयरनेस नॉलेज थ्रू टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन) महिलाओं के लिए एक समग्र स्वास्थ्य समाधान के रूप में विकसित किया गया है, जहां शारीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी समान ध्यान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि समाज में महिलाएं अक्सर अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देती हैं, विशेषकर किशोरियों में जागरूकता की कमी और संकोच के कारण कई स्त्री रोग समय पर पहचान में नहीं आ पाते। यह केन्द्र ऐसे ही अंतर को पाटने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि केन्द्र में कैंसर की प्रारंभिक जांच एवं रोकथाम पर विशेष फोकस रखा गया है, जिसमें स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग, स्व-स्तन परीक्षण, थर्मोग्राफी, सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग (30 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिये कोल्पोस्कोपी, एचपीवी, डीएनए टेस्ट, बायोप्सी एवं एचपीवी टीकाकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए रेफर भी किया जाएगा।

    डॉ. रचना दुबे ने बताया कि वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रही समस्याएं जैसे पीसीओएस, थायरॉयड विकार, डायबिटीज एवं हार्मोनल असंतुलन के समाधान के लिये केन्द्र में उन्नत जांच सुविधाएं, अल्ट्रासाउंड, अनियमित माहवारी का उपचार, वजन प्रबंधन, न्यूट्रिशन काउंसलिंग, योग एवं जीवनशैली परामर्श उपलब्ध हैं। साथ ही किशोरियों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएं और परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बन सकें।

    केन्द्र में आधुनिक केगल चेयर तकनीक के माध्यम से बिना सर्जरी के पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने, मूत्र असंयम (यूरिनरी लीकेज) के उपचार, यौन स्वास्थ्य में सुधार तथा प्रसव के बाद होने वाली समस्याओं के समाधान की सुविधा उपलब्ध है। यह उपचार सुरक्षित, दर्द रहित और न्यूनतम दुष्प्रभाव वाला है।इसके अतिरिक्त गाइनेक लेजर सेवाओं के माध्यम से योनि में ढीलापन, सूखापन, रजोनिवृत्ति संबंधी समस्याएं, बार-बार संक्रमण, लाइकेन स्क्लेरोसिस, एचपीवी वार्ट्स एवं अन्य असामान्य ऊतकों के उपचार की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, जिससे महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके। निःसंतानता सेवाओं के अंतर्गत ओव्यूलेशन इंडक्शन, इंट्रायूटेरिन इन्सेमिनेशन, अल्ट्रासाउंड आधारित फॉलिक्युलर एवं एंडोमेट्रियल स्टडी, एंडोमेट्रियोसिस का उपचार एवं पीसीओएस आधारित बांझपन प्रबंधन जैसी उन्नत सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्र में कई आवश्यक जांचें निःशुल्क उपलब्ध हैं और विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नियमित परामर्श दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अशोक बर्णवाल, आयुक्त धनराजू एस, एमडी एनएचएम डॉ सलोनी सिडाना सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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