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    शर्मिष्ठा पनोली को कोलकाता हाई कोर्ट की वेकेशन बेंच से मिली अंतरिम जमानत, पासपोर्ट होगा जमा

    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली को कोलकाता हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच ने अंतरिम जमानत दे दी है. कोर्ट ने कहा कि शर्मिष्ठा पनोली को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उनका देश छोड़कर भागने का कोई प्लान नहीं है. साथ ही कहा गया कि शर्मिष्ठा को 10000 रुपये की जमानत राशि और जांच के लिए पासपोर्ट जमा करना होगा. कोर्ट ने आदेश दिया कि इस बीच शर्मिष्ठा देश नहीं छोड़ सकती. जहां कोलकाता हाई कोर्ट ने अब शर्मिष्ठा को अंतरिम जमानत दे दी है. वहीं, इससे पहले 3 जून को इन्फ्लुएंसर की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी.

    अपनी गलतियों से सीखेगी
    बेटी को अंतरिम जमानत मिलने के बाद शर्मिष्ठा के पिता पृथ्वीराज पैनोली का बयान सामने आया है. पिता ने बेटी को लेकर कहा कि वो बहुत होशियार लड़की है और मैं उसे उसका भविष्य खुद तय करने दूंगा. वो अपनी गलतियों के प्रति सचेत है और मुझे उम्मीद है कि वो अपनी गलतियों से सीखेगी.

    क्या था आरोप?
    पुणे की 22 वर्षीय लॉ की छात्रा शर्मिष्ठा पानोली को कोलकाता पुलिस ने ऑपरेशन सिन्दूर पर एक वीडियो बनाने को लेकर गिरफ्तार किया था. कथित तौर पर शर्मिष्ठा पर आरोप था कि उसने अपनी एक वीडियो में धार्मिक भावनाओं को आहत किया था. इसी आरोप के चलते शर्मिष्ठा को गुरुग्राम में गिरफ्तार किया गया था. उनकी एक इंस्टाग्राम वीडियो को कथित तौर पर एक विशेष धर्म के प्रति अपमानजनक माना गया था. हालांकि, पैनोली ने वीडियो हटा दिया था और 15 मई को माफी भी मांगी थी.

    जमानत याचिका हुई थी खारिज
    पनौली ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उसने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बॉलीवुड अभिनेताओं की चुप्पी पर सवाल खड़े किए थे. इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर साम्प्रदायिक टिप्पणियां भी की थीं. इसी के चलते इन्फ्लुएंसर को 30 मई की रात को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले गई थी और शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया. जहां उसकी जमानत याचिका खारिज हो गई थी.

    हालांकि, अब उसको अंतरिम जमानत दे दी गई है. कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी शर्मिष्ठा के खिलाफ विभिन्न समुदायों के बीच धार्मिक भावनाएं आहत करने की नीयत से दुर्भावनापूर्ण काम करने, जानबूझकर अपमान करने और शांति भंग करने के इरादे से उकसाने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया.

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