More
    Homeराजनीतिकई बार अनुपस्थित रहे शशि थरूर, CWC मीटिंग में दौड़ते हुए...

    कई बार अनुपस्थित रहे शशि थरूर, CWC मीटिंग में दौड़ते हुए पहुंचे, सीट किसके बगल में मिली?

    दिल्ली में इंदिरा भवन स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक आयोजित की गई थी. जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता शामिल हुए. इस दौरान कई बार मीटिंग से गैर-हाजिर रहने वाले कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी भागते-भागते पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए मीडिया का अभिवादन भी किया. अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है |

    CWC बैठक में शशि थरूर को सलमान खुर्शीद के बगल में बैठने की जगह मिली. इस बैठक में सबकी निगाहें शशि थरूर के ऊपर ही टिकी रहीं, क्योंकि वे कांग्रेस की कई बैठकों में अनुपस्थित रहे. इसके साथ ही पार्टी की लाइन से हटकर भी कई बार बयानबाजी कर चुके हैं. शशि थरूर संसद की शीतकालीन सत्र की बैठक के दौरान भी शामिल नहीं हुए थे. इसके अलावा पिछले महीने हुए 18 नवंबर बैठक से भी दूरी बनाए रखी. हालांकि, उन्होंने दोनों मीटिंग में न पहुंचने की भी वजह बताई थी |

    बैठक के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे बोले कि मनरेगा को निरस्त किए जाने के खिलाफ देशव्यापी अभियान की जरूरत है. इसके लिए उन्होंने उदाहरण भी दिया कि कैसे सरकार को विरोध के बाद तीन कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा था. इसके अलावा उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया को लोकतांत्रित अधिकारों को कम करने की सुनियोजित साजिश बताया. खड़गे ने यह भी कहा कि बैठक उस दौरान हो रही है, जब लोकतंत्र, नागरिकों के अधिकारों और संविधान पर खतरा मंडरा रहा है. इसके साथ ही खड़गे ने बांग्लादेश में हो रहे हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले की निंदा करते हुए चिंता जताई |

    बैठक में मनरेगा पर भी विस्तार से चर्चा हुई. मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मनरेगा योजना को प्रमुख बिंदु बनाकर सारे देश में बड़ा आंदोलन चलाने का फ़ैसला किया गया है. उन्होंने बैठक में 5 प्वाइंट्स पर चर्चा के बारे में जानकारी दी |

    5 प्वाइंट्स पर हुई चर्चा

    1. 5 जनवरी से मरेगा के लिए आंदोलन
    2. ⁠मनरेगा की कांग्रेस रक्षा करेगी
    3. ⁠ग्रामीण मज़दूर के सम्मान, रोजगार और मजदूरी के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे |

    4. ⁠मनरेगा से गांधी जी का नाम मिटाने और मजदूर के रोजगार छीनने का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे |
    5. ⁠हम गांव-गांव में संविधान और मजदूरों के अधिकार के लिए लड़ेंगे |

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here