नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ सांसद और जाने-माने नेता शशि थरूर ने राष्ट्रीय राजधानी में संपन्न हुए 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच को एक बेहद सफल आयोजन करार दिया है। मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठित सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी सहमति और सूझबूझ से संयुक्त घोषणापत्र पर मौजूद तमाम मतभेदों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इसके साथ ही, सांसद थरूर ने आगामी एक नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रस्तावित विशाल रैली का पुरजोर समर्थन करते हुए उसका पूरी दृढ़ता से बचाव किया।
ब्रिक्स सम्मेलन की सफलता और आपसी सहमति का महत्व
पत्रकारों से बातचीत करते हुए शशि थरूर ने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों के सांसद दुनिया के कई गंभीर और अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक मंच पर एकत्र हुए थे और यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन बेहद सकारात्मक दिशा में संपन्न हुआ। उन्होंने खुलासा किया कि संयुक्त घोषणापत्र के प्रारूप को लेकर कुछ खास बिंदुओं पर चर्चाएं हुई थीं, और एक विशेष देश अपनी कुछ अतिरिक्त मांगें मनवाना चाहता था जिसे अन्य सदस्य देशों ने स्वीकार नहीं किया। हालांकि, अंत में सभी पक्षों ने परिपक्वता दिखाते हुए आपसी सहमति से मामलों को सुलझा लिया और भारत ने आधिकारिक रूप से अपनी सफल अध्यक्षता चीन को सौंप दी। थरूर ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत को ब्रिक्स जैसे वैश्विक मंचों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संसदीय कूटनीति में लगातार अग्रणी भूमिका निभाते रहना चाहिए।
कांग्रेस की प्रस्तावित रैली और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का बचाव
आगामी एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने जा रही कांग्रेस की रैली के संदर्भ में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सांसद थरूर ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि देश के आम नागरिकों के बुनियादी संवैधानिक अधिकारों को कमजोर किया जाएगा, तो विपक्षी पार्टी कभी भी मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगी। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि जब तक सरकार और चुनाव आयोग मिलकर नागरिकों के हक छीन रहे हैं, तब तक विपक्ष चुप कैसे रह सकता है। इस महाआयोजन से स्थानीय व्यापारियों और कारोबारियों के कामकाज पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से छोटे व्यवसायों और कारोबारियों के साथ खड़ी रही है। पार्टी का उद्देश्य किसी भी आम नागरिक या व्यापारी की आजीविका में बाधा उत्पन्न करना कतई नहीं है।
व्यापारियों के हितों की रक्षा और रामलीला मैदान के चयन की मजबूरी
शशि थरूर ने आगे कहा कि व्यापारियों को लेकर जो भी संशय पैदा किए जा रहे हैं, उनका एकमात्र उद्देश्य उन्हें यह संदेश देना है कि कांग्रेस पार्टी उनके हितों के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनके विकास की समर्थक है। पार्टी यह चाहती है कि देश के छोटे उद्यमी और व्यापारी अपने कारोबार में पूरी सफलता प्राप्त करें और जनजीवन में किसी प्रकार का व्यवधान न आए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा अशोक होटल के लॉन समेत अन्य वैकल्पिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति न दिए जाने के बाद, अंततः रामलीला मैदान ही पार्टी के पास बचा हुआ एकमात्र विकल्प रह गया था। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्षी दल के रूप में जनता की आवाज को मुखर करना उनका परम कर्तव्य है, और सरकार को भी यह समझना चाहिए कि जनता के असंतोष को नजरअंदाज करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
भाजपा सांसद हेमांग जोशी द्वारा ब्रिक्स मंच की सराहना
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के सांसद हेमांग जोशी ने भी 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के सफल समापन पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान आर्थिक स्थिरता, राष्ट्रीय सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई, आधुनिक तकनीक, कृषि और वैश्विक व्यापार में आपसी सहयोग जैसे तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। सांसद जोशी ने कहा कि भारत द्वारा इस वैश्विक मंच की मेजबानी किए जाने से दुनिया भर से आए विभिन्न देशों के संसदीय प्रतिनिधिमंडलों को भारत की अनूठी 'विविधता में एकता' की संस्कृति को नजदीक से देखने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ है।


